महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना ताक-झांक नहीं, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने महिला को कथित तौर पर घूरने को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन इसे ताक-झांक (Voyeurism) का अपराध नहीं माना जाएगा। जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन वे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। बता दें कि यह धारा ताक-झांक के अपराध को परिभाषित करती है और उसके लिए सजा तय…

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दिव्यांग रेप पीड़िता को कोर्ट से मिली गर्भ गिराने की अनुमति, हाईकोर्ट ने कहा महिला की इच्छा सर्वोपरि

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक अहम फैसले में 30 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता विधवा महिला को गर्भपात की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। पीड़िता को 19 माह का गर्भ है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि महिला की शारीरिक और मानसिक सेहत सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ जारी रखना उसके अधिकारों का उल्लंघन होगा। अदालत के आदेश के अनुसार…

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ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- जागरूकता जरूरी; डीजे की तेज आवाज बनी खतरा

जबलपुर  ध्वनि प्रदूषण के कारण बढ़ती बीमारियों तथा डीजे की तेज आवाज से लोगों को हार्ट अटैक आने और ब्लड प्रेशर बढ़ने को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश किए गए जवाब में बताया गया कि कान फाड़ देने वाली डीजे की तेज आवाज जनसमस्या बन गई है। कोलाहल एक्ट के तहत निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की…

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वन आरक्षक की हत्या का मामला, रेत माफिया पर सख्त नजर; शीर्ष अदालत ने दिखाई सख्ती

चंबल  रैना में चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और इससे बढ़ रही हिंसा को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट का सख्त रवैया नजर आया है। जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की ड्यूटी के दौरान ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के मामले में अब स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस केस में 13 अप्रैल को सुनवाई की तारीथ तय की है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को चंबल सेंचुरी में अवैध रेत खनन से जुड़े मामले में एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र)…

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लखनऊ कोर्ट का अहम फैसला: रोहिंग्या-बांग्लादेशी मानव तस्करी मामले में 9 दोषी, 7-8 साल की सजा

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मानव तस्करी के एक बड़े मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है. NIA और यूपी एटीएस से जुड़े इस केस में विशेष न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने नौ लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई है।  अदालत ने जिन्हें सजा सुनाई है, उनमें मोहम्मद नूर समेत रहमतुल्ला, शबीउररहमान, इस्माइल, अब्दुल शकूर, आले मियां, मोहम्मद रफीक, बप्पन और मोहम्मद हुसैन शामिल हैं. इन सभी को मानव तस्करी का दोषी पाया गया है. इनमें से मोहम्मद नूर सहित कई को 8…

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हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: पहाड़ियां नहीं बचीं तो रेगिस्तान बन जाएगा एमपी का यह बड़ा शहर

 ग्वालियर  प्राकृतिक धरोहर और पहचान रही पहाडिय़ों पर लैंड माफिया के अवैध कब्जों व मुरम के बेखौफ उत्खनन को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला केवल कानूनी या प्रशासनिक नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व से जुड़ा है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि इन पहाडिय़ों को समय रहते नहीं बचाया गया, तो इनका पूरी तरह समाप्त होना तय है, जिसका गंभीर पर्यावरणीय खामियाजा शहर की आने वाली पीढिय़ों…

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प्रदेश में वेतनवृद्धि पर कर्मचारियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज किया दावा

ग्वालियर एमपी में वेतनवृद्धि पर कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। निजी सहायता प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) स्कूलों के कर्मचारी शिक्षकों को ग्वालियर हाईकोर्ट ने यह झटका दिया है। कोर्ट ने इन कर्मचारियों का वेतनवृद्धि का दावा खारिज कर दिया है। निजी सहायता प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) स्कूलों के कर्मचारी शिक्षकों ने बीएड पर दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां देने की मांग की थी जिसे हाईकोर्ट ने साफ तौर पर नकार दिया। इन शिक्षकों ने खुद को सरकारी शिक्षकों के समान बताते हुए वेतनवृद्धि का लाभ मांगा था। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने निजी सहायता…

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पंचायत चुनावों में उपायुक्तों को 5 प्रतिशत आरक्षण देने की शक्ति पर लगी रोक

शिमला  हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंचायत चुनावों में उपायुक्तों को 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की दी गई शक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने इस प्रावधान को प्रथम दृष्टया असंवैधानिक मानते हुए स्पष्ट किया कि इसके तहत तैयार किसी भी आरक्षण सूची को लागू नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण सूची 7 अप्रैल सायं 5 बजे तक…

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21 साल बड़े पति से नहीं निभा पाई रिश्ता, 19 साल की पत्नी को कोर्ट ने प्रेमी के साथ रहने की दी अनुमति

 ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक महत्वपूर्ण मामले में 19 साल की युवती को उसकी इच्छा के अनुसार प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी है. अदालत ने साफ किया कि बालिग व्यक्ति को अपनी जिंदगी के फैसले लेने का पूरा अधिकार है और उसकी मर्जी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  ग्वालियर से सामने आए इस मामले में एक पति ने अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए 'कोर्ट में पेश कराने की याचिका (हेबियस कॉर्पस)' दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था…

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दूसरे राज्य के सर्टिफिकेट पर आरक्षण नहीं, जाति जन्म से तय होती है

 ग्वालियर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने आरक्षण पर एक अहम फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी अन्य राज्य से जारी ओबीसी OBC जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मध्यप्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि जाति का निर्धारण जन्म के आधार पर होगा , विवाह या​ निवास परिवर्तन से नहीं। इसी के साथ हाईकोर्ट ने दूसरे राज्य का ओबीसी प्रमाणपत्र अमान्य करते हुए याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाह के आधार पर…

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: प्रार्थना सभा के लिए अनुमति जरूरी नहीं, पुलिस नोटिस रद्द

बिलासपुर   छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति को अपने निजी आवास में शांतिपूर्वक प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पूर्व से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने पुलिस द्वारा जारी नोटिसों को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश दिए। प्रार्थना सभा का आयोजन यह मामला तब सामने आया जब याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर कर पुलिस थाना नवागढ़ द्वारा जारी नोटिसों को चुनौती दी। याचिका में यह भी कहा गया…

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा और बालिग महिला की सहमति से बना संबंध रेप नहीं

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक बड़े फैसले के चर्चे हो रहे हैं। दरअसल कोर्ट ने एक बालिग और शादीशुदा महिला की सहमति से बने शारीरिक संबंधों पर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सहमति से बने शारीरिक संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ किया कि किसी बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्जी और सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही…

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OBC आरक्षण: SC ने आदेश में किया संशोधन, 2 मामले किए रिकॉल, 87-13 फार्मूले को दी गई चुनौती

जबलपुर  सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के मामले में एक नया आदेश पारित किया है। दो याचिकाओं को हाई कोर्ट से रिकाल कर लिया है और 52 मामले जो पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में ही रह गए थे, ट्रांसफर आर्डर में दर्ज नहीं हुए थे, उनको हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले में अंतिम बहस शुरू होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि हाई कोर्ट में…

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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए दो नए पद: कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव की नियुक्ति

इंदौर  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्यकारिणी में महिला आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी चार नए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के दो नए पद सृजित किए जाएंगे जबकि दो पद कार्यकारिणी सदस्य के लिए रहेंगे। इस संबंध मे हाई कोर्ट रजिस्ट्रार द्वारा मांगी गई जानकारी के मुताबिक हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा यह जानकारी भेज दी गई। बार अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्तमान में कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के पद हाई कोर्ट बार में नहीं है,…

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शादीशुदा पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं, हाईकोर्ट का अहम फैसला

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि एक शादीशुदा पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं है. कोर्ट ने कहा कि सामाजिक नैतिकता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के कोर्ट के कर्तव्य पर हावी नहीं हो सकती।  आपको बता दें कि याचिका दाखिल कर लिव इन में रह रहे शादीशुदा कपल ने लिए सुरक्षा की मांग की थी. इस याचिका में कहा गया था कि कपल को महिला के परिवार से धमकियां मिल रही हैं. महिला…

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