हाई कोर्ट ने भाजपा महिला पार्षद की पार्षदी को बहाल करने का दिया आदेश, इस वजह से चुनाव किया गया था शून्य

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर से भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार के पार्षदी शून्य करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने डिविजनल कमिश्नर के आदेश को रद्द करते हुए कविता रैकवार की पार्षदी पुनः बहाल करने के आदेश दिए हैं। दरअसल 29 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा ने भाजपा की महिला पार्षद कविता रैकवार की पार्षदी सिर्फ इस आधार पर रद्द कर दी थी कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। आपको बता दें कि संभागीय कमिश्नर ने यह आदेश भोपाल की उच्च स्तरीय…

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मैटरनिटी लीव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, छुट्टी के लिए कंपनी मना नहीं कर सकती…

नई दिल्ली देशभर की कामकाजी महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने  साफ किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल सामाजिक न्याय या सद्भावना का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है. अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक सरकारी शिक्षिका को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि मातृत्व अवकाश का मकसद महिला कर्मचारियों…

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सुप्रीम कोर्ट जज ने तोड़ी परंपरा, आखिरी दिन भी सुनाए 11 फैसले; एक दिन पहले हुई मां की मौत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के जज रिटायरमेंट के दिन आमतौर पर कोई फैसला नहीं सुनाते, लेकिन जस्टिस एएस ओका ने इस पुरानी रवायत को बदल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने आखिरी कार्यदिवस पर कई बेंचों में हिस्सा लिया और 11 फैसले दिए। ऐसा उन्होंने तब किया है, जब उनकी मां का एक दिन पहले ही निधन हुआ था। वह गुरुवार को ही अपनी मां के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए मुंबई गए थे और फिर लास्ट वर्किंग डे पर काम करने के लिए दिल्ली लौट आए। शुक्रवार…

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कोर्ट ने महिला की भरण-पोषण की याचिका यह कहते हुए खारिज किया की पत्नी के पास ने पति से अलग रहने का कोई पर्याप्त वैधानिक कारण नहीं

इंदौर कुटुंब न्यायालय ने एक महिला की तरफ से लगाई गई भरण-पोषण की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पत्नी के पास अपने पति से अलग रहने का कोई पर्याप्त वैधानिक कारण नहीं है. इसलिए वह भरण-पोषण पाने की अधिकारी नहीं है. हालांकि धीरेंद्र सिंह की कोर्ट ने अवयस्क बच्चों को भरण-पोषण दिए जाने के आदेश दिए हैं. अधिवक्ता डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में एक तरह ये माना कि पत्नी स्वयं का भरण पोषण करने में सक्षम नहीं है और पति…

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प्रेम संबंध बिगड़ने पर दुष्कर्म का केस गैरकानूनी, न्यायाधीश के खिलाफ FIR निरस्त

जबलपुर  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पदस्थापना के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) के खिलाफ दुष्कर्म व दहेज एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने आदेश में कहा है "दो साल तक चले संबंध के बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई. पीड़िता शिक्षित है और सरकारी कर्मचारी है. प्रेम संबंध खराब होने के कारण कथित अपराध के लिए अभियोजन जारी रखने की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का घोर…

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IAS द्वारा वन अधिकारियों की ACR भरने के निर्देश, अब SC ने रद्द किया मोहन सरकार का फैसला…

भोपाल नौकरशाहों के बीच कामकाज के मूल्यांकन के विवाद का सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पटाक्षेप कर दिया। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस अगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द कर दिया। इसमें भारतीय वन सेवा (IFS) अफसरों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) भरने का अधिकार आइएएस अफसरों को देने का 2024 में जारी किया था। कोर्ट ने कहा एपीसीसीएफ के पद तक एसीआर उसके वरिष्ठ को भरनी चाहिए।  केवल पीसीसीएफ के संबंध में रिपोर्टिंग प्राधिकरण वह व्यक्ति होगा, जिसे वह रिपोर्ट करता है…

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कोर्ट के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि, आदेश जारी

जबलपुर मध्य प्रदेश में कार्यरत न्यायालयीन कर्मचारियों के अच्छी खबर है, जबलपुर उच्च न्यायालय ने सभी न्यायालयों में पदस्थ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि की है, उच्च न्यायालय ने इसके लिए अलग अलग आदेश जारी किये हैं मध्य प्रदेश के न्यायालयों में काम करने वाले कर्मचारियों  के लिए अभी तक एक सप्ताह के ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा प्रदान की गई थी यानि न्यायालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में कर्मचारी एक सप्ताह का अवकाश ले सकता था लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए वृद्धि…

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लिव इन में 4 सालों तक पति-पत्नी की तरह रहे, बच्चा भी पैदा कर लिया, फिर रेप का मामला दर्ज कराया

जबलपुर  बच्चा पैदा होने के सात महीने बाद विधवा महिला द्वारा युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया. इस मामले को हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने खारिज कर दिया. मामले में जो तथ्य सामने आए उन्हें ध्यान में रखते हुए एफआईआर को निरस्त करने के आदेश दिए गए. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि भौतिक परिस्थितियों पर विचार करते हुए ऐसा नहीं माना जा सकता है कि दोनों के बीच विवाह के झूठे वादे के आधार पर संबंध बने थे. दोनों पति-पत्नी की रहते थे और…

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विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट और एमपी हाईकोर्ट में आज फिर सुनवाई, भाजपा की निगाहें अदालत के रुख पर

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च…

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सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी अब हाईकोर्ट के जजों का भी परफॉर्मेंस ऑडिट का समय…

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कुछ जज जरूरत से ज्यादा ब्रेक लेते हैं। कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं। अब यह देखने का समय है कि उन पर कितना खर्च हो रहा है और वे कितना काम कर रहे हैं। 'हाई…

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लाखों पेंशनर्स को बड़ी राहत 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि समेत अन्य सभी भुगतान देने के जारी किए आदेश

इंदौर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में राहतकारी आदेश दिए हैं। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा है कि पेंशनर्स को 1 मई 2023 से 7% ब्याज के साथ एक वेतनवृद्धि सहित सभी अनुषांगिक लाभों का भुगतान 6 सप्ताह में जाए। 2024 में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर दायर की गई थी याचिका पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष आमोद सक्सेना और नर्मदापुरम के दिनेश कुमार चतुर्वेदी ने 2024 में याचिका दायर की। कोर्ट को बताया…

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हाई कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल सचिव, रजिस्ट्रार व चेयरमैन को हाजिर होने का आदेश

 जबलपुर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुए फर्जीवाड़े मामले में लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच में  जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल के समक्ष हुई, जिसमें इंडियन नर्सिंग काउंसिल की सचिव और एमपी नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार व चेयरमैन को हाई कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के तीन बार आदेश देने के बावजूद इण्डियन नर्सिंग काउंसिल और…

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HC की सख्ती बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 10 किमी दायरे में संचालित आरा मशीनों पर, हटाने के निर्देश

जबलपुर मध्यप्रदेश के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर जबलपुर उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने टाइगर रिजर्व की सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर संचालित सभी आरा मशीनों और अन्य काष्ठ आधारित उद्योगों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश उमरिया निवासी सीमांत रैकवार द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया गया है। याचिका में कहा गया था कि उमरिया शहर के विनायक टाउन क्षेत्र में संतोष गुप्ता नामक व्यापारी द्वारा संचालित आरा मशीन से न केवल…

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CM डॉ मोहन ने वकीलों को दी सौगात: जबलपुर हाईकोर्ट में 117 करोड़ से बनेंगे लॉयर्स चेम्बर और मल्टी लेवल पार्किंग

जबलपुर हाईकोर्ट में 117 करोड़ की लागत से लॉयर्स चेम्बर और मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उच्च न्यायालय परिसर में प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री(CM Mohan Yadav) ने कहा कि अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हो रही है। इससे न केवल पार्किंग की दिक्कतें कम होगी बल्कि अधिवक्ताओं को बैठने की समुचित व्यवस्था हो सकेगी। ये रहे मौजूद भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस एससी शर्मा तथा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत,…

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एक ने बलात्कार किया, फिर भी सभी को मिलेगी सजा; गैंगरेप केस में SC का बड़ा फैसला

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैंगरेप में किसी एक के भी सेक्सुअल एक्ट (penetrative act) पर सभी को दोषी माना जाएगा, अगर उन्होंने एक मंशा से अपराध को अंजाम दिया। कोर्ट ने गैंगरेप के दोषियों की सजा को बरकरार रखा। अभियोजन पक्ष को यह साबित करना जरूरी नहीं कि हर आरोपी ने पेनेट्रेटिव एक्ट किया। भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(g) के तहत अगर गैंगरेप का मामला है, तो एक के भी कृत्य पर सभी को दोषी ठहराया जा सकता है, अगर उन्होंने कॉमन इन्टेंशन के तहत काम…

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