बेंगलुरु रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने हाल ही में कहा कि अग्नि-6 (Agni-6) बैलिस्टिक मिसाइल का विकास पूरी तरह से सरकार के फैसले पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि यह सरकार का निर्णय है. जब भी सरकार हमें हरी झंडी देगी, हम तैयार हैं। यह बयान भारत की रणनीतिक क्षमता को और मजबूत करने वाले अग्नि-6 प्रोजेक्ट को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आया है. अग्नि-6 भारत का अगली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) होगी, जो 10,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक…
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बेंगलुरु में DRDO की लैब को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
बेंगलुरु बेंगलुरु में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) से जुड़े दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. डीआरडीओ से जुड़े गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (जीटीआरई) को मिले धमकी भरे ई-मेल में साइनाइड गैस वाले 13 आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था. धमकी भरे ई-मेल के बाद अलर्ट मोड में आई एजेंसियों ने परिसर को खाली कराकर गहन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी अभियान में परिसर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक इस ई-मेल में यह धमकी दी गई थी कि घंटेभर के भीतर…
Read MoreDRDO को मिली 1500 KM रेंज वाली नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की मंजूरी, BM-04 का होगा विकास
नई दिल्ली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- DRDO को एक नई मिसाइल विकसित करने की मंजूरी मिल गई है. इस मिसाइल का नाम है BM-04. यह एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है. इसे बनाने के लिए Acceptance of Necessity (AoN) मिल चुका है. इसका मतलब है कि अब इस मिसाइल का विकास तेजी से शुरू होगा. जल्द ही इसके परीक्षण भी हो सकते हैं. BM-04 मिसाइल क्यों खास है? यह मिसाइल भारत की मौजूदा रक्षा व्यवस्था में एक बड़ा गैप भरने वाली है. पिनाका रॉकेट की रेंज छोटी होती है…
Read MoreDRDO ने एक साथ दागीं दो ‘प्रलय’ मिसाइलें, भारत ने दिखाई अपनी सैन्य ताकत
बालासोर. साल के आखिरी दिन भारत ने डबल धमाका किया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए स्वदेशी रूप से विकसित ‘प्रलय’ (Pralay) मिसाइल का बेहद सफल परीक्षण किया है. यह कोई साधारण परीक्षण नहीं था, बल्कि यह एक ‘साल्वो लॉन्च’ (Salvo Launch) था, जिसने दुश्मन के खेमे में खलबली मचा दी है. ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से करीब सुबह 10:30 बजे भारत ने यह कारनामा कर दिखाया. डीआरडीओ ने एक ही लॉन्चर से बहुत कम समय के…
Read MoreF-35 और Su-57 बनेंगे कबाड़, DRDO ने कहा राफेल की जरूरत नहीं, THAAD और S-400 भी होंगे फेल
बेंगलुरु 21वीं सदी में युद्ध के तौर-तरीके भी बदल चुके हैं. पैदल सेना का महत्व काफी सीमित हो चुका है. एयरफोर्स और नेवी की भूमिका बेहद अहम हो चुका है. सन् 1971 में इंडियन नेवी का ‘ऑपरेशन टा्रइडेंट’ हो या फिर मई 2025 का इंडियन एयरफोर्स का ऑपरेशन सिंदूर, वायुसेना और नौसेना ने दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाया कि वे ताउम्र याद रखेंगे. बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन सिंदूर में एयरफोर्स ने अपने जौहर से पूरी दुनिया को चकित कर दिया. सफल ऑपरेशन के बाद तीन बड़े डेवलपमेंट हुए…
Read Moreलखनऊ में DRDO इंजीनियर आकाशदीप की संदिग्ध मौत, ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से थे जुड़े
लखनऊ राजधानी लखनऊ के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में कार्यरत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप गुप्ता की मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. अस्पताल प्रशासन की सूचना पर आलमबाग पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद…
Read Moreभारत के हाइपरसोनिक हथियार असली कहर तो अब बरपाएंगे! तैयार हो रहे ये 5 ब्रह्मास्त्र
नई दिल्ली ईरान और इजरायल के बीच छिड़े हालिया युद्ध में जिस हथियार ने दुनिया की सैन्य रणनीतियों को झकझोर दिया है वह है हाइपरसोनिक मिसाइल. महज कुछ मिनटों में हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इन मिसाइलों ने देशों के एयर डिफेंस सिस्टम को लगभग बेअसर कर दिया है. नतीजा अब हर बड़ा देश अपने हाइपरसोनिक प्रोग्राम को तेज कर रहा है. भारत भी इस रेस में पीछे नहीं है बल्कि उसका अगला कदम इस युद्ध तकनीक को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है. DRDO चीफ…
Read MoreDRDO ने 8 महीने में कर दिया कमाल- ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल
नई दिल्ली ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए DRDO ने ऐसा कमाल कर दिखाया है जो देश के तटीय इलाकों और रक्षा क्षेत्र दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। DRDO की कानपुर स्थित लैब ने महज 8 महीने में एक नैनोपोरस मल्टीलेयर्ड पॉलीमर मेम्ब्रेन तकनीक विकसित की है, जो खारे समुद्री पानी को पीने योग्य मीठे पानी में बदल सकती है। यह तकनीक खास तौर पर भारतीय तटरक्षक बल के जहाजों के लिए तैयार की गई है। तटरक्षक…
Read Moreरक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने एक और कारनामा कर दिखाया, 1000 किलो का बम और 100 किमी है रेंज
नई दिल्ली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक और कारनामा कर दिखाया है। 8 से 10 अप्रैल के बीच लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम (LRGB) ‘गौरव’ का सफल रिलीज ट्रायल पूरा हुआ। यह परीक्षण भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमान से किया गया। ट्रायल के दौरान, इस हथियार को अलग-अलग कई स्टेशनों पर ले जाया गया और एक द्वीप पर मौजूद जमीन के टारगेट को निशाना बनाया गया। इस तरह करीब 100 किलोमीटर की रेंज के साथ पिनपॉइंट एक्यूरेसी को हासिल कर लिया गया, जो इसकी प्रभावशाली क्षमता को…
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