नई दिल्ली चुनाव आयोग ने बिहार के बाद अब 12 और राज्यों, एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का ऐलान किया है. इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्य भी शामिल हैं. एसआईआर की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होगी, जो 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के साथ पूरी होगी. एसआईआर के लिए प्रिंटिंग और प्रशिक्षण का कार्य 28 अक्टूबर से शुरू हो गया है. यह कार्य 3 नवंबर तक चलेगा. बिहार में एसआईआर पर…
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चुनाव आयोग का निर्देश: सात फरवरी तक कलेक्टर, जॉइंट कलेक्टर और तहसीलदारों के तबादले स्थगित
भोपाल मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों…
Read MoreMP में 8 हजार नए पोलिंग बूथों का प्रस्ताव, हर बूथ पर सिर्फ 1200 वोटर होंगे
भोपाल मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के साथ ही मध्य प्रदेश में करीब 8001 नए पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) भी बनाए जाएंगे। इसका प्रस्ताव तैयार करके मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। प्रदेश में वर्तमान में 65 हजार 14 मतदाता बूथ हैं। वर्तमान में औसतन 1500 मतदाताओं पर एक बूथ है। चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब किसी भी पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जा सकेंगे। इस लिहाज से एमपी में कुल बूथों की संख्या 73 हजार 15…
Read MoreEC का बड़ा ऐलान: देश के 12 राज्यों में SIR का दूसरा फेज शुरू, वोटर लिस्ट में शामिल होंगे सभी योग्य मतदाता
नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर में SIR की घोषणा की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है. इस चरण में मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'आज हम यहां स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)…
Read Moreचुनाव आयोग नवंबर से पूरे देश में शुरू करेगा SIR, पहले इन राज्यों में होगा अभियान; बिहार विवाद में रहा शामिल
नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमिशन ने SIR यानी गहन मतदाता पुनरीक्षण का अभियान शुरू किया था। इस पर खूब राजनीति हुई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। अदालत की ओर से SIR को क्लीन चिट दी गई और कहा गया कि यह थोड़ा पहले किया जा सकता था। अब इसी बात से सबक लेते हुए चुनाव आयोग नवंबर की शुरुआत से ही देशव्यापी SIR शुरू करने जा रहा है। इसके तहत सबसे पहले उन राज्यों में SIR होगा, जहां 2026 में ही चुनाव होने…
Read Moreबिहार मॉडल बना उदाहरण, अब पश्चिम बंगाल में SIR पर राहत की तैयारी
नई दिल्ली बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवादों और कानूनी चुनौतियों के बाद, चुनाव आयोग (EC) अब इस प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाताओं की परेशानियों को कम करना और प्रक्रिया को मतदाता अनुकूल बनाना है। बिहार में SIR के दौरान दस्तावेजों की जटिल मांग, फॉर्म न भरने पर नामों की बड़ी संख्या में हटाई गई प्रविष्टियां (डिलीशन) और बहुत कम समय सीमा जैसी समस्याओं को लेकर मतदाताओं में असंतोष था। अब आयोग इन तीनों बिंदुओं पर लचीलापन…
Read Moreनिर्वाचन आयोग का सख्त कदम: तीन दिन में 33.97 करोड़ जब्त, चुनावी खर्च पर कड़ी निगरानी
नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव और सात राज्यों की आठ विधानसभा में होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग सख्त है। चुनाव के दौरान पैसों के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। जो उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे। आगामी चुनावों में धनबल, मुफ्तखोरी के साथ-साथ नशीली दवाओं, नशीले पदार्थों और शराब के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए आयोग ने दो…
Read Moreचुनाव आयोग का नया निर्देश: सियासी विज्ञापनों और प्रत्याशियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नई तैयारी
नई दिल्ली चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा के आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर समेत छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी बीच आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2025 को आदेश दिए हैं कि सभी राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दल, साथ ही चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्याशी, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रचार करने से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से अपने राजनीतिक…
Read Moreचुनाव आयोग में हिम्मत नहीं, बिहार एसआईआर को लेकर कांग्रेस का गुस्सा फूटा
नई दिल्ली कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर फिर से हमला बोलते हुए कहा कि मतदाता सूची से गैर नागरिकों को हटाने के लिए मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण की जरूरत पर बल दिया गया, लेकिन चुनाव आयोग में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह देशवासियों को बता सके कि बिहार में कितने गैर नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता की कमी है। जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर…
Read Moreचुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: बिहार चुनाव और उपचुनाव में तैनात होंगे 470 केंद्रीय पर्यवेक्षक, 320 IAS अफसरों की होगी जिम्मेदारी
नई दिल्ली चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (सामान्य, पुलिस और व्यय) तैनात करने का फैसला लिया है। आयोग ने विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे कुल 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 320 अधिकारी, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 60 अधिकारी और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 90 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, आईआरएएस, आईसीएएस जैसी सेवाओं से अधिकारी इसमें शामिल हैं।…
Read Moreछत्तीसगढ़ में 9 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों को EC की नोटिस, डी-लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू
रायपुर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 334 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से हटाने की कार्यवाही शुरू की है. जिन्होंने (दिसंबर 2018 तक पंजीकृत) पिछले 03 वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के अपने वार्षिक लेखापरीक्षित खाते निर्धारित समय सीमा, क्रमशः 30.11.2022, 31.12.2023 और 15.12.2024, के भीतर जमा नहीं किए हैं, उन राजनीतिक दलों को रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टियों की सूची से हटाया जा रहा है. इसके अलावा, ऐसे दल जिन्होंने चुनाव तो लड़े, लेकिन निर्धारित समय…
Read Moreचुनाव आयोग का ऐतिहासिक कदम: 474 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द, वजह क्या?
नई दिल्ली चुनाव आयोग ने गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों पर बड़ा ऐक्शन लिया है। चुनाव आयोग ने ऐसी 474 राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन समाप्त कर दिया है। इससे पहले अगस्त में भी चुनाव आयोग ने बड़ा ऐक्शन लिया था और 334 दलों का पंजीकरण समाप्त किया गया था। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के मुताबिक किसी भी पंजीकृत दल को चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना होता है। यदि वह लगातार 6 साल तक इलेक्शन से दूर रहता है तो उसका पंजीकरण समाप्त हो जाता है। इसी नियम के तहत इलेक्शन कमिशन…
Read Moreचुनाव आयोग ने हटाए 334 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, पंजीकरण सूची में बड़ा फेरबदल
नई दिल्ली भारतीय निर्वाचन आयोग ने 334 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पंजीकृत सूची से बाहर कर दिया। चुनाव आयोग के फैसले के बाद वर्तमान में सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल और 67 क्षेत्रीय पार्टियां हैं, जबकि 2,520 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल बचे हैं। 6 राष्ट्रीय पार्टियों में भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, बसपा, सीपीएमआई और एनपीपी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल जैसे 67 प्रमुख दल चुनाव आयोग की सूची में क्षेत्रीय दलों के तौर पर पंजीकृत हैं। आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति…
Read Moreवोटर लिस्ट में मृतकों के नाम? CEC ने विपक्ष से किया तीखा सवाल
नई दिल्ली बिहार में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग को मरे हुए मतदाताओं, डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्र धारकों और विदेशी नागरिकों को वोटर लिस्ट में शामिल करने की अनुमति देनी चाहिए। यह बयान तब आया है जब राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने SIR अभियान के खिलाफ तीखा विरोध जताया है। विपक्षी दलों का दावा है…
Read Moreचुनाव आयोग कैंसिल करेगा 345 राजनैतिक दलों का रजिस्ट्रेशन
नई दिल्ली चुनाव आयोग ने 345 निबंधित बिना पहचान वाली राजनीतिक दलों के निबंधन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की अध्यक्षता में निबंधित गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के निबंधन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ये वैसे दल है, उन्होंने 2019 से अब तक किसी भी प्रकार के चुनाव में भाग नहीं लिया है और जिनके कार्यालय देश भर में कहीं भी भौतिक रूप से नहीं…
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