किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होना बेहद दुखद क्षण होता है. जब कोई अपना हमें छोड़कर जाता है, तो एक ओर जहां उसके जाने का गहरा दुख होता है, वहीं दूसरी ओर उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं. गरुड़ पुराण में मृत्यु और उससे जुड़े कई नियमों और मान्यताओं का विस्तार से वर्णन मिलता है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण मान्यता यह है कि सूर्यास्त के बाद किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है. रात में अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया जाता? गरुड़…
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गरुड़ पुराण के अनुसार रात में अंतिम संस्कार क्यों नहीं किया जाता, जानिए धार्मिक कारण
जैसे दिन के बाद रात होना निश्चित है, ठीक उसी प्रकार यह भी निश्चित है कि जिसने इस मृत्यु लोक में जन्म लिया है, उसे एक न एक दिन मृत्यु का सामना अवश्य करना पड़ता है. यानी पृथ्वी लोक का सबसे बड़ा सत्य है- मृत्यु. फिर भी कुछ लोग इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाते है. आपने अक्सर देखा होगा कि हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद शव का दाह संस्कार किया जाता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु सूर्यास्त के बाद होती है, तो उसका अंतिम संस्कार…
Read Moreमृत्यु के बाद 13 दिन का रहस्य और तुलसी का महत्व, गरुड़ पुराण में छिपा जीवन का सच
मृत्यु एक ऐसा शब्द है, जो अपने साथ हमेशा एक गहरा सन्नाटा लेकर आता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्राण निकलने के बाद वास्तव में क्या होता है? यह सफर जितना भयावह प्रतीत होता है, उतना ही रहस्यमय और कहीं-कहीं अद्भुत भी है. आज हम इसी विषय को समझने के लिए प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण की ओर चलते हैं, जहां मृत्यु, कर्म और आत्मा की यात्रा का विस्तृत वर्णन मिलता है. यह ग्रंथ लगभग 19,000 श्लोकों का विशाल ज्ञान भंडार है, जिसमें भगवान विष्णु और पक्षीराज गरुड़…
Read Moreमृत परिजन की इन 3 चीजों को इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, गरुड़ पुराण में बताया गया कारण
हिंदू धर्म के 18 पुराणों में गरुड़ पुराण मृत्यु, मृतात्मा और उसके बाद की यात्रा का विस्तार से वर्णन करने वाला प्रमुख ग्रंथ है। इसमें मृत व्यक्ति की वस्तुओं के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम दिए गए हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की वस्तुओं में उसकी सूक्ष्म ऊर्जा कुछ समय तक बनी रहती है। इन्हें गलती से इस्तेमाल करने से घर में नकारात्मकता, मानसिक अशांति और बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। मृतक के कपड़ों का क्या करें?…
Read Moreगरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के क्षण और आत्मा की यमलोक यात्रा का रहस्य
मत्यु या मौत, एक ऐसा सच जिसको कोई नहीं झुठला नहीं सकता. मृत्यु के इन रहस्यों से जुड़ा भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ जी के बीच का संवाद गरुड़ पुराण में वर्णित मिलता है. एक बार गरुड़ जी ने भगवान विष्णु से पूछा कि मनुष्य की मृत्यु कैसे होती है, आखिरी समय में उसे क्या अनुभव होता है? प्रथम अध्याय: मृत्यु के ठीक 5 मिनट पहले का रहस्य भगवान विष्णु बताते हैं कि जब किसी की मृत्यु होने वाली होती है और यमराज का बुलावा आता है, तब उसकी…
Read Moreगरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और कर्मों के फल का गहरा रहस्य
गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो 18 महापुराणों में से एक है. इस ग्रंथ को किसी मृत्यु के दौरान पढ़ा जाता है. यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है. इसमें जीवन, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. खासतौर पर यह ग्रंथ व्यक्ति के कर्मों के फल, पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक और मोक्ष के सिद्धांतों को समझाता है. क्यों पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण? मान्यता…
Read Moreगरुड़ पुराण का रहस्य: ये हैं 5 स्थितियां जब दाह संस्कार करना होता है वर्जित
सनातन धर्म में 16 संस्कारों का वर्णन है. इन्हीं संस्कारों में से एक है दाह संस्कार. गुरुड़ पुराण में बताया गया है कि विधि और नियम से दाह संस्कार करने पर ही मृतक की आत्मा को शांति प्राप्त होती है. हालांकि शास्त्रों के अनुसार, सभी का दाह संस्कार जरूरी नहीं माना गया है. गरुड़ पुराण में खास श्रेणियों के लोगों के लिए दाह संस्कार के बजाय थल या जल समाधि का विधान भी है. साथ ही गरुड़ पुराण में इन पांच प्रकार के लोगों का दाह संस्कार करने से मना…
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