ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को 'मन और मानसिक स्थिति' का कारक माना गया है, जबकि केतु को एक छाया ग्रह माना जाता है जो भ्रम, वैराग्य और अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव को दर्शाता है. जब चंद्रमा और केतु की युति (मिलन) होती है, तो इसे ज्योतिष में 'ग्रहण योग' कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 जून की सुबह जब चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तो वहां पहले से मौजूद केतु के साथ मिलकर यह चुनौतीपूर्ण योग बनाएंगे. चूंकि चंद्रमा बहुत तेजी से गोचर करते हैं, इसलिए यह…
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