ज्योतिष शास्त्र में भाग्य और संतान के कारक गुरु ग्रह का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्तमान में गुरु धीमी गति से चलते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं. पंचांग के अनुसार, अभी गुरु पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं, लेकिन जल्द ही वे अपना नक्षत्र परिवर्तन करेंगे. 18 जून, 2026 की रात 9:32 बजे गुरु शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में गोचर करेंगे और 18 अगस्त तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे. शनि के नक्षत्र में गुरु का यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ…
Read More
