चेन्नई मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में दिए एक फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह कोई धार्मिक उद्देश्य के लिए किया गया कार्य नहीं है, जिसके लिए मंदिरों के फंड का इस्तेमाल किया जा सके। कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत सरकार ने पांच मंदिरों को पांच अलग-अलग स्थानों पर मंदिर का फंड इस्तेमाल कर पांच मैरिज हॉल बनाने की अनुमति दी थी। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार…
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