जंगल की जंग से शांति की राह: पूर्व शीर्ष माओवादी भूपति ने पुनर्वास केंद्र में खेली होली

बीजापुर कभी बस्तर के घने जंगलों में बंदूक की गूंज के बीच ’खून की होली’ खेलने वाला माओवादी नेता भूपति इस बार बारूद की जगह रंग और गुलाल में सराबोर दिखा। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों के साथ उसने होली मनाई। भूपति, जो कभी प्रतिबंधित संगठन की पोलित ब्यूरो व केंद्रीय समिति का सदस्य रहा और केंद्रीय वैचारिक प्रभारी के तौर पर माओवादी विचारधारा की देश भर में अगुवाई करते हुए वर्षों तक हिंसा की उस राह पर चला, जहां…

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