पन्ना "नीम हकीम खतरा-ए-जान" कहावत पन्ना जिले में उस समय सच साबित हो गई, जब जोड़ों और कमर दर्द से राहत पाने के लिए अपनाया गया देसी नुस्खा एक परिवार पर भारी पड़ गया। पन्ना निवासी 45 वर्षीय सावित्री बाई को किसी परिचित ने धतूरा और एक स्थानीय जड़ी-बूटी का काढ़ा पीने की सलाह दी। बिना चिकित्सकीय परामर्श के उन्होंने घर पर काढ़ा तैयार कर लिया। तेज चक्कर, उल्टियां और शरीर सुन्न दोपहर में सावित्री बाई ने स्वयं काढ़ा पिया और अपने बेटे शिवम आदिवासी (22 वर्ष) व बेटी रेखा…
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