खगोलशास्त्री महर्षि वाल्मीकि, जब ‘शोक’ से ‘श्लोक’ जन्मा और विज्ञान झुका श्रद्धा से

भोपाल भारतभूमि की यह विशेषता रही है कि यहाँ अध्यात्म और विज्ञान कभी परस्पर विरोधी नहीं रहे, ज्ञान के हर रूप का उद्गम ऋषियों के चिंतन से हुआ। इसी परंपरा में एक ऐसा नाम अमर है, महर्षि वाल्मीकि। वे केवल आदि कवि नहीं थे, बल्कि भारत के प्रथम खगोलशास्त्री भी थे, जिन्होंने आकाश की नक्षत्रीय गतियों को साहित्य के छंदों में पिरो दिया। वाल्मीकि जयंती के इस पावन अवसर पर यह जानना रोमांचक है कि ‘रामायण’ केवल धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि खगोलीय दस्तावेज़ भी है, एक ऐसा दस्तावेज़ जिसमें हर ग्रह,…

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भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं महर्षि वाल्मीकि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर श्रद्धालु नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है। वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूजनीय स्थान अर्जित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि…

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