मणिपर्वत से शुरू होता अयोध्या का विश्वप्रसिद्ध झूलनोत्सव, सावन में उमड़ती आस्था

अयोध्या सावन की पहली फुहार अयोध्या की धरती पर पड़ते ही यहां का पूरा वातावरण बदल जाता है। यह बदलाव सिर्फ मौसम का नहीं होता। यह उस पूरे नगर की सांस्कृतिक धड़कन में उतरता है, जिसने सदियों से अपनी आस्था को त्योहारों की लय में पिरोया है। मंदिरों के कपाट खुलते ही भजन कीर्तन की स्वर लहरियां गूंजने लगती हैं, सरयू के घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगने लगता है, दुकानों पर झूले और सजावट का सामान सजने लगता है, और पूरे नगर की निगाहें एक तयशुदा दिशा में मुड़…

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