सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में तिथियों का विशेष महत्व है. भारतीय परंपरा में तिथियां चंद्रमा की गति के आधार पर निर्धारित होती हैं. यही कारण है कि इनको चंद्रमास कहा जाता है. साल को मास और मास तिथियों में विभाजित हैं. सनातन धर्म में पर्व, त्योहार और सभी शुभ व मांगलिक कामों का आधार तिथियां ही होती हैं. इसमें 15 कृष्ण और 15 शुक्ल पक्ष की तिथियां हैं. शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन पूर्णिमा का होता है. इस दिन आसमान में पूर्ण चंद्रमा होता है. इसी तरह कृष्ण पक्ष…
Read More
