भोपाल डिजिटल अटॉप्सी ' सेंटर अपनी योजना के अनुसार कामयाब रहा तो यह सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से क्रांतिकारी कदम होगा। इसके तहत बिना चीर-फाड़ किए पोस्टमॉर्टम किया जा सकेगा। इससे शव को सम्मान दिया जा सकेगा और अंतिम समय में लोग अपने प्रियजन के शरीर को बगैर क्षत-विक्षत हुए विदाई दे सकेंगे। भोपाल जल्द ही देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है, जहां बिना चीरफाड़ के पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। जापान और अन्य विकसित देशों की तर्ज पर एम्स भोपाल में वर्चुअल ऑटोप्सी शुरू करने की दिशा…
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