बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में पदोन्नति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि एक वेतनवृद्धि को बिना संचयी प्रभाव के रोकना मामूली दंड है. ऐसे दंड को बड़ा दंड मानकर कर्मचारी को पदोन्नति के लिए विचार से बाहर नहीं किया जा सकता. न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता शेखर सिन्हा के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति के दावे पर विचार करने के निर्देश दिए. याचिकाकर्ता शेखर सिन्हा वर्ष 1991 में आरक्षक…
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