बलरामपुर जहाँ एक तरफ गहरी नीरवता है और दूसरी तरफ सरोवर का अनंत विस्तार, ठीक उन दोनों के बीच एक पीपल की छांव तले विराजते हैं संकटमोचन हनुमान। न भव्य शिखर, न विशाल प्रांगण, फिर भी डेढ़ सदी से यहाँ आस्था का जो दीप जल रहा है, वह आज नेपाल की सीमाओं तक अपनी रोशनी बिखेर रहा है। यही है बलरामपुर के रानी तालाब स्थित वह हनुमान मंदिर, जिसे लोग चमत्कारी भी कहते हैं और स्वयंसिद्ध भी, क्योंकि यहाँ जो माँगा जाता है, वह मिलता जरूर है। उत्तर प्रदेश के…
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