धीरेंद्र शास्त्री ने संत प्रेमानंद की पदयात्रा का समर्थन करते हुए विरोध करने वालों को ‘राक्षस’ की संज्ञा दी

मथुरा संत प्रेमानंद की रात्रिकालीन पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद से इंटरनेट मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पदयात्रा का विरोध नहीं किया गया था, बल्कि विरोध का कारण रात दो बजे बैंडबाजा, ढोल और आतिशबाजी के शोर थे। इस शोर को रोकने के लिए संत प्रेमानंद से अपील की गई थी। जब संत प्रेमानंद ने पदयात्रा को स्थगित कर दिया, तो उनके समर्थन में कई धर्माचार्य सामने आए, जिनमें बागेश्वर धाम के…

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