वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है. यह सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, जो एक राशि में करीब ढाई साल तक रहता है. इसी वजह से इसका प्रभाव लंबे समय तक सभी 12 राशियों और दुनिया पर देखने को मिलता है. वर्तमान में शनि गुरु की राशि मीन में स्थित हैं और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं. अब 21 मार्च 2026, शनिवार को शाम 4 बजे शनि इसी नक्षत्र के तीसरे पद में प्रवेश करने जा रहे हैं. इस दौरान…
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अक्टूबर 2025 में दो बार होगा शनि प्रदोष व्रत, जानें तिथि और पूजा विधि
साल 2025 का अक्टूबर महीना महादेव के भक्तों और शनिदेव की कृपा चाहने वालों के लिए बेहद खास है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित होता है और जब यह शनिवार के दिन पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं, जिसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. शनिवार का दिन होने के कारण इस व्रत में भगवान शिव के साथ-साथ कर्मफल दाता शनिदेव की पूजा का भी विधान है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शनि के अशुभ प्रभाव, साढ़े साती और ढैय्या…
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