जगदलपुर. बस्तर के बास्तानार-कोड़ेनार क्षेत्र में कानून से पहले सामाजिक व्यवस्था का प्रभाव आज भी मजबूत माना जाता है। यहां दंडामी माड़िया समाज वर्षों पुरानी परंपरा का पालन करता आ रहा है। अपराध के कारण कोई व्यक्ति जेल जाता या सार्वजनिक अपमानित होता है, तो समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है। बहिष्कृत व्यक्ति तब तक सामाजिक आयोजनों में शामिल नहीं हो सकता, जब तक पूरे समाज को सामूहिक भोज न दे। इस भोज में सैकड़ों लोग शामिल होते हैं और आयोजन में हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं। कई परिवारों…
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