तेंदूपत्ता लक्ष्य पर प्रशासन सख्त: वन अधिकारियों ने फड़ों का किया औचक निरीक्षण

कोंडागांव. केशकाल वन मंडल में तेंदूपत्ता संग्रहण की जमीनी हकीकत पर उच्चस्तरीय निगरानी देखने को मिली. वन विभाग की वरिष्ठ अधिकारी ने विभिन्न समितियों और फड़ों का निरीक्षण किया. गुणवत्ता, गड्डियों की संख्या और संग्रहण की गति का बारीकी से आकलन किया गया. अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए. निर्धारित 28,500 मानक बोरा के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 8,657 बोरा खरीदी हो चुकी है. संग्रहण कार्य लगातार जारी है और भुगतान प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से हो रही है. फड़ मुंशियों और प्रबंधकों से…

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Labour Day (1 मई) से शुरू होगी तेंदूपत्ता तोड़ाई, 639 फड़ तैयार

राजनांदगांव. जिले के वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा इस वर्ष 639 फड़ की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए कुल 49334 संग्राहकों को जोड़ने की तैयारी की गई है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो 1 में से तेंदूपत्ता की तोड़ाई ड़ाई शुरूकर दी जाएगी। वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी पाना…

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तेंदूपत्ता तुड़ाई से 31 हजार परिवारों को मिलेगा रोजगार, सरकार ने पूरी की सभी तैयारियां

कोंडागांव. वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245…

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छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण का बड़ा लक्ष्य: 16 लाख बोरा, 51 समितियां जिम्मेदार

राजनांदगांव. राजनांदगांव जिले के वन क्षेत्र में इस वर्ष भी अधिक से अधिक तेंदूपत्ता की तोडाई सुनिश्चित कराने का प्रावधान किया जा रहा है. इस वर्ष भी 51 समितियां को जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है. जिले के वन क्षेत्रों में 700 से अधिक फड तैयार करने का प्रावधान रखा गया है. ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 60% अधिक क्षेत्र में अभी भी वन संपदा है. बाघनदी से लेकर बोरतालाव, अर्जुनी, छुरिया, चिचोला डोंगरगांव, डोंगरगढ़ मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, औधी सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेंदूपत्ता की…

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