सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए रुक जाता है। यह घटना केवल अमावस्या के दिन संभव होती है, जब तीनों खगोलीय पिंड एक सीध में होते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, सूर्य ग्रहण को सूर्यदेव और राहु-केतु के संबंध से जोड़ा गया है। स्कंद पुराण में इसका वर्णन मिलता है कि राहु और केतु, जिन्होंने अमृत पान का छल किया था, उन्हें भगवान विष्णु ने दंडस्वरूप ग्रह बना दिया। इसी कारण…
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