उद्यानिकी विभाग की पानी चौपाल बनी मुख्य आकर्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में 30 मार्च से प्रारंभ किये गये जल गंगा संवर्धन अभियान में उद्यानिकी विभाग द्वारा गाँव-गाँव में आयोजित की जा रही "पानी चौपाल" आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बन गई है। "पानी चौपाल" में मैदानी अमले द्वारा गाँव के किसानों को जल संरक्षण के साथ, कम पानी से होनी वाली फसलों, कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों को जोड़कर अधिक लाभ कमाने और नवीन उद्यानिकी तकनीकियों की समझाइश दी जा रही है। इसके साथ ही अभियान के दौरान ही फलोद्यान,‍ड्रिप लाइन, प्लास्टिक मलचिंग,…

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डिंडोरी जिले के जनजातीय गाँव उफरी के हर घर पहुंचा नल से जल

भोपाल डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक का उफरी गांव, जहां कभी जल संकट विकराल रूप ले लेता था, अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर हो चुका है। यह वही गांव है, जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जहां महिलाओं और बच्चों का बड़ा हिस्सा अपने दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही गंवा देता था। अब यह सब बीते समय की बात हो गई है। गांव के बुजुर्ग गंगाराम बैगा बताते हैं, "गर्मियों में पानी की इतनी…

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ग्वालियर :चंबल नदी और कोतवाल बांध से ग्वालियर तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू

ग्वालियर  एमपी के ग्वालियर में चंबल नदी और कोतवाल बांध से ग्वालियर तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। इससे ग्वालियर शहर की जनता को 30 वर्ष तक भरपूर मात्रा में पानी मिलेगा। भविष्य में जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।  नगर निगम ने 24 मार्च-2024 को चंबल से पानी लाने के लिए 458.68 करोड़ रुपए का ठेका इनविराड प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया है और कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य कंपनी को 24 महीने में पूरा करना है। चंबल…

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जल गंगा संवर्धन अभियान: जल संरक्षण के लिए निरंतर बढ़ रही है जन सहभागिता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में जन सहयोग उमड़ रहा है। इसमें निरंतर जन सहभागिता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के माँ क्षिप्रा के तट रामघाट से 30 मार्च को प्रदेश स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी जुटने से स्पष्ट है कि प्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के…

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बकाया बिलों की वसूली के लिए दिल्ली जल बोर्ड बना रहा प्लान, अब कटेगा पानी का कनेक्शन

नई दिल्ली  जिस तरह से दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियां बिजली बिल बकाया होने पर ऑफिस में बैठे-बैठे ही किसी भी कंज्यूमर्स की बिजली मीटर से सप्लाई डिस्कनेक्ट कर देती हैं, जल बोर्ड भी बकाया बिलों की वसूली के लिए कुछ ऐसा ही तकनीकी मैनेजमेंट सिस्टम डिवेलप करने का प्लान बना रहा है। जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि करीब 11 लाख ऐसे कंज्यूमर्स हैं, जिनका का करीब 5700 करोड़ रुपये पानी का बिल लंबे समय से बकाया है। मीटर न लगाने वालों की पहचान की जाएगी…

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मुख्यमंत्री की पर्यावरण संतुलन और आर्थिक संवर्धन से जिले में जल संरक्षण की बहुआयामी पहल:-महेन्द्र सिंह मरपच्ची

विश्व जल दिवस पर विशेष लेख एमसीबी/मनेंद्रगढ़  जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन और सभ्यता की धुरी है। मनुष्य के अस्तित्व से लेकर कृषि, उद्योग और पर्यावरण तक जल की अनिवार्यता स्पष्ट है। लेकिन आज जल संकट एक वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सतत जल प्रबंधन की दिशा में प्रयासों को तेज करना है। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ में…

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पर्यटन नगरी खजुराहो और राजनगर में हर घर पहुंचा नल से जल

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा छतरपुर जिले में पर्यटन नगरी खजुराहो और राजनगर में जलप्रदाय परियोजना का कार्य किया गया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से क्रियान्वित खजुराहो जलप्रदाय योजना की लागत 69 करोड़ 86 लाख रूपये है। परियोजना लागत में 10 वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। परियोजना से 6300 घरों में नल कनेक्शन खजुराहो जलप्रदाय योजना में खजुराहो के लगभग 4200 एवं राजनगर के 2100 घरों के नल कनेक्शन से जोड़ा गया है। इस परियोजना से…

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पानी के संकट से जूझते बुंदेलखंड को पानीदार बनाने दो हजार तालाबों को पुनर्जीवित करेगी सरकार

छतरपुर 'बुंदेलखंड' के नाम के साथ ही सूखा ग्रस्त इलाका, पलायन और बेरोजगारी जैसी समस्याएं जुड़ी हुई हैं। पानी के संकट से जूझते इस पूरे इलाके को पानीदार बनाने के लिए देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा रिवर लिंक प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने किया। चंदेल कालीन तालाबों को पुनर्जीवित करने में मप्र का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संरक्षण पर काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं (NGO), और पब्लिक की मदद से काम करेगी। जल संरक्षण पर काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं ने ओरछा में वर्कशॉप…

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7 नगरीय निकायों में जल प्रदाय योजना का काम पूरा

जबलपुर मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा जबलपुर परियोजना इकाई के अतंर्गत 7 नगरीय निकायों में जल प्रदाय योजना का काम पूरा कर लिया गया है। यह कंपनी नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अंतर्गत कार्य कर रही है। एशियन डेवपलमेंट बैंक की सहायता से नर्मदा पेयजल योजना तैयार की गई है। इस योजना को नर्मदा पेयजल योजना भेड़ाघाट के नाम से जाना जा रहा है। इस पेयजल योजना से जिन निकायों को पेयजल उपलब्ध हो रहा है, उनमें भेड़ाघाट, पाटन, कटंगी, मझौली, पनागर, सिहोरा और दमोह जिले का तेंदूखेड़ा शामिल…

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राजस्थान-जैसलमेर में रेगिस्तान फाड़कर निकला पानी, नीचे जहरीली गैस की पाइप लाइन से हो सकता है रिसाव

जैसलमेर। जैसलमेर में मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में शनिवार को ट्यूबवेल खुदाई के दौरान पानी का फव्वारा फूट गया। पानी करीब 50 घंटों तक लगातार उसी रफ्तार से बाहर निकलता रहा। किसी के समझ नहीं आया है कि आखिर ये कैसे हो रहा है? शनिवार सुबह पांच बजे धरती फाड़कर निकलना शुरू हुआ पानी सोमवार की सुबह सात बजे अपने आप बंद हो गया। इधर, उप तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट ललित चारण ने बताया कि जैसलमेर के मोहनगढ़ उप तहसील के 27 बीडी के जोरा माइनर पर ट्यूबवेल खोदते समय जमीन…

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खेड़ावदा: एक आदर्श स्वच्छ और आत्मनिर्भर गाँव की कहानी

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील का खेड़ावदा गाँव आज पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन चुका है। यहाँ की ग्राम पंचायत ने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की हैं। स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को जोड़कर, खेड़ावदा को एक संपूर्ण 'ओडीएफ प्लस' मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया गया है। उज्जैन जिले में 726 ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम है। ओडीएफ प्लस ग्राम की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत में स्वच्छता के साथ अन्य घटकों…

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आज उज्जैन शहर में पानी सप्लाई नहीं होगा, इंटेक वेल के पैनल रूम में सांप घुसने से फॉल्ट

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में 3 नवंबर की दोपहर को चौंकाने वाली बड़ी घटना घटी. यहां शहर की प्यास बुझाने वाले गंभीर डैम में अचानक पानी की सप्लाई रुक गई. अधिकारियों ने जब गंभीर नदी के इंटक वेल पैनल रूम की जांच की तो पता चला कि उसमें एक सांप घुस गया था. इस सांप की वजह से सिस्टम में फॉल्ट हो गया था. इसे सुधारने का काम देर रात तक जारी रहा. इस वजह से उज्जैन शहर की टंकियां नहीं भर पाईं. यानी, 4 नवंबर को शहर में…

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प्रदेश के 24 नगरीय निकाय ने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार कर लिया

भोपाल प्रदेश के नगरीय निकायों में भू-जल संरक्षण और प्रबंधन के लिये 33 नगरीय निकायों में भू-जल प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के 24 नगरीय निकाय ऐसे हैं, जिन्होंने भू-जल प्रबंधन प्लान तैयार भी कर लिया है। भू-जल प्रबंधन प्लान में क्षेत्र के जल स्त्रोतों की पहचान कर उनके वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण के उपाय किये जा रहे हैं। इनमें क्षेत्र के बोरवेल, बावड़ियां, नदी, तालाब, कुंऍ आदि शामिल हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत पिछले दिनों आयोजित कार्यशाला में भू-जल विशेषज्ञों ने…

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बुरहानपुर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य लगभग पूरा

बुरहानपुर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से बुरहानपुर में जलावर्द्धन परियोजना का कार्य किया जा रहा है जो कि पूर्णता की ओर है। नगरवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए ताप्ती नदी पर इंटेक-वैल लगाया गया है। वहीं जल को शुद्ध करने के लिए 50 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र भी स्थापित किया गया है। शोधित जल उपलब्ध होने से जल-जनित बीमारियों का जोखिम भी कम रहेगा। जल के संग्रहण के लिए 8 ओवर हैड टेंक बनाए…

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447 गाँव के 65 हजार लोगों के घर में पहुँच रहा है नल से जल

447 गाँव के 65 हजार लोगों के घर में पहुँच रहा है नल से जल समूह नल जल योजना ने ग्रामीणों को दिया नया जीवन भोपाल दमोह जिले के पटेरा विकासखण्ड के सैंकड़ों गाँव के लोग पीने के पानी की समस्या से परेशान थे। उन्हें अपने घर से दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ता था, जिससे गाँव के लोगों को समय लगता था। इस कारण ग्रामीणजनों को अपने दूसरे रोजमर्रा के कार्य करने में दिक्कत आती थी और उन्हें पीने के लिये शुद्ध जल भी नहीं मिल पाता था।…

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