सनातन धर्म में भगवान कालभैरव का स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली, रौद्र और न्यायप्रिय माना जाता है.उनकी पूजा से भय, नकारात्मकता और संकटों का नाश होता है और जीवन में साहस, सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है. पंचांग के अनुसार, इस साल कालभैरव जयंती 12 नवंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर व्यक्ति इस पूजा के योग्य नहीं होता.कुछ लोगों के लिए उनकी पूजा करना अनुकूल नहीं माना जाता, क्योंकि इसे बिना श्रद्धा, संयम और शुद्ध हृदय के करने पर नकारात्मक परिणाम भी हो सकते…
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