867 किमी लंबा नर्मदापुरम एक्सप्रेस वे: अमरकंटक से झाबुआ तक, दो राज्यों और 10 शहरों से सीधे जुड़ेगा

अमरकंटक

मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से झाबुआ तक निर्माणाधीन नर्मदा एक्सप्रेस-वे (नर्मदा प्रगति पथ) नर्मदापुरम को प्रदेश के 10 शहरों से जोड़ देगा। इसके जरिए जिले की औद्योगिक विकास होने के साथ व्यापारिक गतिविधियां सुलभ होंगी। सीहोर के बाड़ी से बुदनी के बीच प्रगति पथ के फोरलेन सड़क का निर्माण शुरू किया है। नर्मदा नदी के किनारे 867 किमी के इस पथ का बाड़ी से बुदनी तक 64 और बुदनी से भैरुंदा तक 51 किमी का हिस्सा नर्मदापुरम की सीमा से गुजरेगा।

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मोहासा औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ

नर्मदापुरम के मोहासा औद्योगिक क्षेत्र और रिन्युएबल एनर्जी पार्क के चलते नर्मदा प्रगति पथ महत्वपूर्ण साबित होगा। इस पथ से उद्योगों को हवाई अड्डे से बंदरगाह तक का सफर आसान होगा। इसके अलावा प्रगति पथ पर्यटन को बढ़ाने में भी अहम साबित होगा। छवीसगढ़ की सीमा से गुजरात तक सफर आसान बनाने वाले इस प्रोजेक्ट से उद्योगों और पर्यटन में सकारात्मक परिणाम क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगे।

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2026 तक पूरा होगा निर्माण

एनएचएआइ के मुताबिक 2026 तक इस एक्सप्रेस वे को तैयार करने का लक्ष्य लेकर निर्माण किया जा रहा है। एनएचएआई देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे की तरह नर्मदा प्रगति पथ को अत्याधुनिक बना रही है। इस पर सफर करने वाले राहगीरों, वाहन चालकों को हर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यह एक्सप्रेस-वे डिंडौरी, जबलपुर, बड़वाह, इंदौर, धार, सरदारपुर, झाबुआ से गुजरात सीमा तक जाएगा। छवीसगढ़ से गुजरात तक एक कनेक्टिविटि बनाएगा। प्रदेश के 10 जिले सीधे नर्मदापुरम से भी जुड़ जाएंगे। इससे बुदनी, शाहगंज, से बाड़ी बकतरा, रेहटी, नसरूल्लागंज तक आवागमन सुलभ होगा।

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नर्मदा प्रगति पथ का निर्माण शुरू

बाड़ी से बुदनी तक नर्मदा प्रगति पथ का निर्माण शुरू हो गया है। इस फोरलेन सडक़ का निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नर्मदा किनारे के 10 शहर आपस में जुडेंगे।

– आकाश चौकसे, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआइ नर्मदापुरम

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