प्रदोष का व्रत करने वाले न करें ये गलती, जीवन में आती हैं बाधाएं!

हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रदोष के व्रत को बहुत विशेष माना गया है. त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत पड़ता है. प्रदोष व्रत का दिन भगवान शिव को समर्पित किया गया है. प्रदोष व्रत और इसकी महीमा का वर्णन शिव पुराण में विस्तार से किया गया है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का पूजन और व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से घर में धन धान्य का भंडार भरा रहता है.

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भगवान शिव की होती है कृपा
प्रदोष व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा से करियर और कारोबार में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं. जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है. कोई कमी नहीं रहती. इतना ही नहीं भगवान भोलेनाथ की कृपा से विवाह में आ रही सभी बाधाएं भी समाप्त हो जाती हैं, लेकिन इस व्रत के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. गलतियां तो भूलकर इस व्रत में नहीं करनी चाहिए. ऐसे में आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए. साथ ही कैनसी गलतियां करने से बचना चाहिए.

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कब है प्रदोष व्रत
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 जनवरी को रात 8 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी. वहीं 27 जनवरी को रात को 8 बजकर 34 मिनट पर ये तिथि समाप्त हो जाएगी. ऐसे में 27 जनवरी को प्रदोष का व्रत रखा जाएगा. 27 जनवरी को सोमावार पड़ रहा है. इसलिए इस व्रत को सोम प्रदोष व्रत भी कहा जा रहा है.

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