लॉरेंस गैंग का नाम लेकर दी धमकी, अब RDX के साथ आतंकी साजिश में गिरफ्तार अली अकबर

अजमेर

हरियाणा के अंबाला में 2 किलो आरडीएक्स और आईईडी के साथ गिरफ्तार किए गए अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का आपराधिक रिकॉर्ड पहले भी सामने आ चुका है। करीब चार साल पहले उसने अजमेर के एक गेस्ट हाउस मालिक को लॉरेंस गैंग का नाम लेकर धमकी दी थी। उस समय पीसांगन थाना पुलिस ने उसे शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर पाबंद किया था।

बुधवाड़ा निवासी गेस्ट हाउस मालिक इकबाल अहमद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में अपना गेस्ट हाउस अली अकबर के भाई को लीज पर दिया था। दो-तीन महीने का किराया बकाया रहने पर उन्होंने गेस्ट हाउस खाली करवा लिया। इसके बाद अली अकबर का फोन आया और उसने धमकाते हुए कहा, “तू मुझे जानता नहीं है, मैं लॉरेंस गैंग से जुड़ा हूं। इतने में ही समझ जाना, वरना ठीक नहीं होगा।” इसके बाद उन्होंने पीसांगन थाने में मामला दर्ज कराया था।

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दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों ने 13 मार्च को अंबाला से अली अकबर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर ड्रोन के जरिए अमृतसर (पंजाब) में आरडीएक्स और अन्य सामान भेजा गया था।

आरोपियों की पहली साजिश राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम धमाका करने की थी। आईईडी वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन समय पर आरडीएक्स नहीं पहुंचने के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई। इसके बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई। आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी कर वीडियो भी भेजे, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके।

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अजमेर के दिल्ली गेट लोंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर शहर में ऑटो चलाता था। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। बड़ा भाई अली असगर एक गेस्ट हाउस में नौकरी करता है। अली अकबर की पत्नी और दो बच्चे हैं।

अली अकबर के भाई अली असगर ने बताया कि 8 मार्च की सुबह करीब 6 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि जयपुर होते हुए दिल्ली घूमने जा रहा है। 14 मार्च को न्यूज देखने के बाद ही परिवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली।

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अली असगर ने कहा कि देश जो भी सजा देगा, उन्हें मंजूर है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच में यह भी सामने लाया जाए कि उसे आतंकी गतिविधियों से किसने जोड़ा और किस तरह लालच देकर फंसाया गया। फिलहाल अदालत ने तीनों आरोपियों को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है और एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता  लगाने में जुटी हैं।

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