वीआईटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत

भोपाल
वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के आईपीआर सेल ने एमपीसीएसटी भोपाल के सहयोग से 17-18 अप्रैल 2025 को “भविष्य को सशक्त बनाने के लिए आईपीआर जागरूकता” पर डब्ल्यूआईपीओ-सूचीबद्ध दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी की। प्रो वीसी डॉ. टी.बी. श्रीधरन ने भविष्य के नवाचारों को आकार देने में आईपीआर के महत्व पर जोर दिया, जबकि मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजीत कोनार, डीन आर एंड डी, आईआईएसईआर भोपाल ने विचारों को प्रभावशाली उत्पादों में बदलने पर बात की। विशिष्ट अतिथि डॉ. एन के चौबे ने विचारों की रक्षा करने की आवश्यकता का उल्लेख किया।

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रजिस्ट्रार के.के. नायर ने शिक्षा जगत में रचनात्मकता की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। संयोजक डॉ. शिव मंजरी गोपालिया ने सभी का स्वागत किया और आईपीआर साक्षरता की आवश्यकता, दायरे और भागीदारी पर प्रकाश डाला। एमपीसीएसटी भोपाल द्वारा उत्प्रेरित और समर्थित इस कार्यक्रम में पेटेंट, कॉपीराइट और नवाचार नीति पर अग्रणी विशेषज्ञों और इंटरैक्टिव सत्रों की विशेषता थी। एडवोकेट राकेश सोनी ने आईपीआर के व्यावहारिक पहलुओं को प्रस्तुत किया। 

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डॉ. अक्षरा मकरारिया, वित्त प्रमुख, अनुसंधान एवं विकास, तथा आईपीआर सेल के सदस्य डॉ. मोनिका संकट, डॉ. सनाय नाहा, तथा डॉ. अंकुर बेहर को उनके समर्पण और प्रयासों के लिए हार्दिक धन्यवाद। इस सेमिनार ने वास्तव में आईपीआर-सचेत शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए वीआईटी भोपाल की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

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