जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो गुटों ने अलग राह अपना ली

नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो गुटों ने अलग राह अपना ली है। होम मिनिस्टर अमित शाह ने मंगलवार को ऐलान किया कि हुर्रियत के दो गुटों ‘जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि मैं इसका स्वागत करता हूं। अमित शाह ने इसका श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी की विकास की नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में विकास हो रहा है और यह काम सभी को साथ लेकर किया जा रहा है। इससे अलगाववादी गतिविधियों में कमी आई है। गृह मंत्री ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अलगाववाद अब कश्मीर में इतिहास की बात हो रहा है। मोदी सरकार की एकीकरण की नीतियों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो रहा है।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में, 8 करोड़ की फूड एंड ड्रग लैब का करेंगे लोकार्पण और विकास कार्यों की सौगात देंगे

अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हुर्रियत के दो संगठनों ‘जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है। मैं भारत की एकता को मजबूत करने की दिशा में अहम इस कदम का स्वागत करता हूं और ऐसे सभी समूहों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं तथा अलगाववाद को हमेशा के लिए खत्म कर दें।’ इसके साथ ही उन्होंने अपील की है कि अन्य अलगाववादी संगठनों को भी सीख लेनी चाहिए और साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की विकास, शांति और एक भारत की नीतियों की जीत है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े दो समूहों को बैन किया था।

ये भी पढ़ें :  दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म फुट ओवरब्रिज से जुड़ेगी सड़क, यात्रियों को होगी सुविधा

सरकार का कहना है कि ये समूह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इनके चलते जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद बढ़ रहा है और आतंकवादियों को भी मदद मिल रही है। इन संगठनों में मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाला संगठन अवामी ऐक्शन कमेटी और जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुसलमीन शामिल है। इत्तेहादुल का नेतृत्व मोहम्मब अब्बास अंसारी करते हैं। होम मिनिस्ट्री ने इन्हें बैन का करने का नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि ये देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बन रहे हैं। इन दोनों संगठनों को सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मीरवाइज फारूक ने कहा था कि ऐसा करना गलत है और लोकतांत्रिक संगठनों को कुचलने जैसा है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment