उत्तराखंड नर्स दुष्कर्म-हत्याकांड बड़ा अपडेट, मृतका का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा आरोपी गिरफ्तार

उधम सिंह नगर
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में नर्स के साथ दरिंदगी के बाद हत्या किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर जनपद में शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। नर्स के साथ रेप और हत्या के मामले में धरना प्रदर्शन जारी है। घटना में पहले पुलिस के के स्तर खानापूर्ति करने की कोशिश की थी, लेकिन मृतका के परिजनों और हजारों लोगों ने जब सड़कों पर उतर कर सीबीआई जांच की मांग उठाई तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। इस केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। अब एसआईटी को इस मामले बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जहां टुक-टुक चालक मृतका का मोबाइल यूज करते हुए पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इसका खुलासा एसएसपी डॉ. मंजू नाथ टीसी ने किया है।

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31 जुलाई को गदरपुर निवासी एक युवती ने रुद्रपुर पुलिस को एक तहरीर दी कि डिबडिवा विलासपुर निवासी उनकी बहन (33) 30 जुलाई को जिम से घर जाते समय इन्द्रा चौक रुद्रपुर से टैंपो में बैठकर जाती हुई दिखायी दी, लेकिन घर तक नहीं पहुंची। इस सूचना पर कोतवाली रुद्रपुर ने 30 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज की। 8 अगस्त को गुमशुदा का शव डिबंडिबा मे वसुंधरा एनक्लेव कॉलोनी के पास बरामद हुआ। पुलिस ने 14 अगस्त को आरोपी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पीड़िता के मोबाइल के साथ बरेली का आरोपी गिरफ्तार

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परिवार और हजारों लोगों ने प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग की। एसएसपी ऊधम सिंह नगर डॉ. मंजू नाथ टीसी ने अपनी कार्रवाई पर यू टर्न लेते हुए एसआईटी का गठन कर दिया। एसएसपी ने SIT का गठन 20 अगस्त को किया था। जहां 13 दिन के बाद SIT टीम को एक कामयाबी हांसिल हुई, जहां मृतका नर्स का पर्सनल मोबाइल मिल गया, जिसके सहारे घटना में दूसरे आरोपी तक पहुंचे और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने अपना नाम बिहारी लाल निवासी तुरसा पट्टी थाना शाही जनपद बरेली बताया है।

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एसएसपी ऊधम सिंह नगर ने बताया कि नर्स हत्याकांड में बनाई गई, SIT टीम को एक और कामयाबी मिली है। इसमें मृतका का दूसरा मोबाइल बरामद हुआ है। ये मोबाइल घटना के दिन से बंद था। बिहारी लाल ने आरोपी धर्मेंद्र से चोरी का मोबाइल ले लिया और उसका प्रयोग किया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया, जिसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 में गिरफ्तारी करते हुए जेल भेज दिया है।

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