इंदौर में बनेगी ‘पश्चिमी आउटर रिंग रोड’, 26 गांवों के लोगों को मिलेगा 750 करोड़ का मुआवजा

इंदौर 

 एमपी के इंदौर शहर में पश्चिमी आउटर रिंग रोड का निर्माण होने जा रहा है। इस रोड के बनने से 26 गांव प्रभावित हो रहे हैं, जिसका अवॉर्ड घोषित हो गया है। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 750 करोड़ रुपए का मुआवजा घोषित किया गया है। इसकी ग्राम वार फेहरिस्त भी तैयार हो गई है। किसानों के नाम की भी सूची बनी हुई है, जैसे ही एनएचएआइ की तरफ से राशि सरकारी खजाने में जमा होगी, वैसे ही किसानों के खातों में ऑनलाइन पैसे जमा होने लगेंगे।

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गौरतलब है कि एनएचएआइ 64 किमी लंबे और 80 मीटर चौड़ा यह रोड बनाने जा रहा है, जो एनएच-52 में नेट्रेक्स के पास से शुरू होकर शिप्रा नदी के नजदीक खत्म होगा। इसमें इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के 5, हातोद के 12 और सांवेर के 9 गांवों की करीब 600 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हो रही है।

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ये जमीन प्रोजेक्ट में शामिल हो रही

देपालपुर तहसील के पांच गांव इस प्रोजेक्ट में हैं। इनमें किशनपुरा, बेटमाखुर्द, मोहना, ललेंडीपुरा और रोलाय है। इसमें निजी रकबा 66.68 हेक्टेयर और 14.36 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। सांवेर तहसील के 9 गांवों में 160 हेक्टेयर जमीन आ रही है। इसमें धतूरिया, बालोदा टाकून, सोलसिंदा, कटक्या, ब्राह्मण पीपल्या, मुंडला हुसैन, जैतपुरा, पीर कराड़िया और बरलाई जागीर शामिल है।

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ये भी जानिए

160 किमी का होगा आउटर रिंग रोड
64 किमी इसमें पश्चिमी हिस्सा
30 किमी हातोद का हिस्सा
23.60 किमी सांवेर का हिस्सा
10.40 किमी देपालपुर का हिस्सा

 

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