राजस्थान में 4 जिलों को 3645 करोड़ आवंटित, 2497 गांव-ढाणियों की बुझेगी प्यास

जयपुर.

मेवाड़ और वागड़ के सीमावर्ती जिलों में गहराते जल संकट को खत्म करने के लिए सरकार ने 'जाखम बांध पेयजल परियोजना' को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिलों के करीब 800 गांव 622 ढाणी में पाइप लाइन से पीने का शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा।

इसके प्रथम चरण में 1692.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसकी टेक्निकल बिड जल्द खोली जाएगी। दूसरे चरण में उदयपुर और राजसमंद के गांव-ढाणी में पानी पहुंचाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 3645.56 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

जल जीवन मिशन के तहत होंगे काम
जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के तहत पानी पहुंचाया जाएगा। पेयजल किल्लत से जूझते चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, उदयपुर और राजसमंद जिले के गांव-ढाणियों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 3 वर्ष पहले जाखम बांध पेयजल परियोजना की घोषणा की थी। उक्त योजना को अब धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। योजना के प्रथम चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिले के करीब 800 गांवों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसकी टेक्निकल बिड को 16 फरवरी को खोली जाएगी। इसकी जांच में सब कुछ सही पाए जाने पर सरकार के पास फाइनेंशल स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने पर ही संबंधित फर्म को टेण्डर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जल्द ही धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रोजेक्ट की करीब तीन साल पहले घोषणा की गई थी। इसके बाद इसकी डीपीआर तैयार कराई गई है। अब टेण्डर प्रक्रिया चल रही है।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-अजमेर में इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर गायब और सोनोग्राफी कक्ष पर मिला ताला, विधानसभा अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ होंगे खर्च
जाखम बांध पेयजल परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। दूसरे चरण में राजसमंद और उदयपुर जिले के 1697 गांव और ढाणी में पानी पहुंचाने की योजना है। इसमें राजसमंद जिले के 790 गांव-ढाणी और उदयपुर जिले के 907 गांव-ढाणी को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1692.30 करोड़ एवं दूसरे चरण में 1953.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात, राजस्थान में ग्रीन एनर्जी कोरिडोर के प्रस्तावों पर हुई चर्चा

यह होगा प्रोजेक्ट का फायदा

  1. – घरों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी
  2. – लगातार गहराते पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा
  3. – गांव-ढाणी तक पानी पहुंचने से श्रम और समय की बचत होगी
  4. – इसके निर्माण कार्य आदि होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

यह ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में
चित्तौड़गढ़ जिले का अधिकांश भाग भू-जल उपयोग के मामले में अतिदोहित श्रेणी में है। इसमें भैंसरोडगढ़, गंगरार, बेगूं, डूंगला, बड़ी सादड़ी, भदेसर, चित्तौड़गढ़, राशमी भोपालसागर, कपासन और निम्बाहेड़ा ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में है। इन ब्लॉक का भूमिगत जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो कि चिंता का विषय है।

ये भी पढ़ें :  कांकेर मुठभेड़ में बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने ढेर किया माओवादी ACM, बड़े कैडर को झटका

जाखम प्रोजेक्ट की जल्द खुलेगी टेक्निकल बिड
जाखम बांध पेयजल परियोजना के प्रथम चरण में चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ जिला शामिल है। इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए हैं, इसकी टेक्निकल बिड 16 फरवरी को खोली जाएगी। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे।
– सुनीत कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्री विभाग चित्तौड़गढ़

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment