अजय राय ने बताया- 403 सीटों पर क्या होगी रणनीति?, ‘मिशन 2027’ को लेकर कांग्रेस की तैयारी शुरू

इटावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। ब्लॉक से लेकर जिला व प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है। यह बात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने ग्राम राहतपुर में पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन होगा अथवा नहीं यह राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा और भविष्य में विधान सभा चुनाव राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेश पर उसी हिसाब से तैयारी करके लड़ा जाएगा।

ये भी पढ़ें :  बरेली बवाल के बाद बड़ी कार्रवाई: सपा पार्षद समेत 8 पर 1.12 करोड़ का बिजली चोरी जुर्माना

उन्होंने महाकुंभ के आयोजन पर कहा कि कुंभ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर्वाेच्च पद पर आसीन मोहन भागवत नहीं आए जिसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए कि आखिर वे सबसे बड़े हिंदूवादी संगठन के मुखिया हैं फिर वे इस आयोजन में क्यों नहीं आए।

प्रदेश अध्यक्ष ने अनिल यादव के चाचा मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक जताया और श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ईश्वर परिवार को सहनशक्ति प्रदान करे। उनका जिला कांग्रेस महासचिव सतीश नागर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। जिलाध्यक्ष मलखान सिंह यादव, प्रांतीय नेता आशुतोष दीक्षित, शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, प्रशांत तिवारी, प्रेम किशोर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें :  सिर्फ राम-राम कहा, तो मौलवी का गुस्सा उफान पर! युवक ने उठाया खौफनाक कदम

कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया था बयान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी के कठमुल्ला वाले बयान पर घेरा था। कहा था कि योगी को पता होना चाहिए कि यह देश सिर्फ योगी का नहीं, यह देश राम का, रहीम का, गुरुनानक का है। यह देश डा. आंबेडकर के बनाए कानून से ही चलेगा। इस देश की आजादी में सभी वर्ग का योगदान था, यह देश सभी का है। विविधता में एकता ही यहां की पहचान है।

ये भी पढ़ें :  काम करने की झंझट छोड़ें, नौकरी पाएं! शिक्षकों और वैज्ञानिकों पर फिर भड़की राज्यपाल

कुंभ पर भी योगी को घेरा था
उन्होंने महाकुंभ में अव्यवस्था को लेकर योगी सरकार को निशाने पर लिया था। कहा था कि अव्यवस्था पर आस्था भारी पड़ी। महाकुंभ में आस्था के साथ लोग गए, लेकिन सरकार का सबसे अधिक फोकस वीआईपी की सेवा पर पर रही। जन को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।

महाकुंभ में मरे लोगों के बारे भी अनर्गल बाते सरकार की ओर से की जा रही है। गाजीपुर के मृत दारोगा की पत्नी को भी सम्मान मिलना चाहिए। महाकुंभ में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हुई थी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment