सागर जिले में मूंग की बोवनी शुरू, एक हजार हैक्टेयर हो सकता है रकबा

बीना
 रबी फसल की कटाई के बाद किसानों ने तीसरी फसल के रूप में मूंग की बोवनी शुरू कर दी है। कई जगह तो खेतों में फसल दिखने लगी है। पिछले कुछ वर्षों से किसानों ने मूंग की बोवनी शुरू की है, जिससे लाभ भी हो रहा है। इस वर्ष एक हजार हैक्टेयर में बोवनी होने की संभावना है।

मूंग की बोवनी वह किसान कर रहे हैं, जिनके पास सिंचाई के साधन हैं। मसूर, बटरी की फसल पहले कट जाती और इसके बाद मूंग के लिए पर्याप्त समय किसानों को मिल जाता है। यह फसल 60 दिन में तैयार हो जाएगी, जिससे मानसून आने के पहले कटाई हो जाती है। नदी किनारे लगभग सभी किसान मूंग की बोवनी करते हैं। फसल अच्छी होने पर करीब सात क्विंटल एकड़ तक का उत्पादन होता है। किसान रामकिशन ने बताया कि रबी, खरीफ फसल में कई बार किसानों को घाटा हो जाता है, इसलिए तीसरी फसल के रूप में मूंग की बोवनी शुरू की है।

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देसी खाद का करें उपयोग
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान तीन फसल ले रहे हैं, तो जमीन की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा देसी खाद का उपयोग करना होगा, इसके उपयोग से फसलों का उत्पादन भी बढ़ेगा।

एक हजार हैक्टेयर हो सकता है रकबा
गर्मी के मौसम में किसानों ने बड़े रकबा में मूंग की बोवनी करना शुरू कर दिया है। इस फसल से किसानों की आय बढ़ेगी। कम दिनों की फसल है और इसमें लागत भी कम लगती है। इस वर्ष एक हजार हैक्टेयर में बोवनी हो सकती है।
डीएस तोमर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीना

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