देवास जिले के पुलिस थाने में लगाए गए QR कोड, एसपी तक पहुंचेगा सीधा फीडबैक

 देवास

देवास जिले के थानों की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए एक नवाचार किया गया है। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने जिले के सभी 21 थानों के क्यूआर कोड तैयार कराए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन कर आमजन पुलिस के संबंध में अपना फीडबैक दे सकेंगे। यह फीडबैक सीधे एसपी तक पहुंचेगा। आमजन बता सकेंगे कि थाने में आने के बाद उन्हें कैसा महसूस हुआ। जनता द्वारा दिए गए फीडबैक को भी थानों की मासिक रैंकिंग में शामिल किया जाएगा। प्रदेश में यह पहली बार है कि किसी जिले के हर थाने का क्यूआर कोड होगा।

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अलग थानों के लिए बनाए गए अलग QR कोड
शनिवार को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसपी गेहलोद ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को क्यूआर कोड वितरित किए। सभी थानों के अलग-अलग क्यूआर कोड बनाए गए हैं, जिन्हें थाने के मुख्य द्वार पर लगाया गया है। एसपी गेहलोद ने जानकारी दी, क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर एक गूगल फॉर्म खुलेगा। इसमें सबसे पहले संबंधित व्यक्ति को अपना नाम व नंबर और फिर फीडबैक दर्ज करना होगा।

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एसपी ने दिए निर्देश
एसपी ने बताया कि ‘नाम व नंबर दर्ज करने के बाद इसमें पूछा जाएगा कि थाने पर आने के बाद संबंधित व्यक्ति का ओवरऑल अनुभव कैसा रहा। इसमें अलग-अलग ऑप्शन आएंगे जिसमें अच्छा, बहुत अच्छा, बुरा और बहुत बुरा शामिल रहेगा। यह भी दर्ज करना होगा कि वह थाने पर किससे मिले और किस काम से आए थे।जब संबंधित व्यक्ति फीडबैक भरकर सबमिट करेगा तो वह सीधे एसपी कार्यालय आएगा। यहां टीम तैनात रहेगी जो पूरा डेटा तैयार करेगी। फर्जी फीडबैक न भरवाए जाएं, इसलिए व्यक्ति से एसपी कार्यालय से कॉल कर जानकारी ली जाएगी।’

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एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि ‘अगर बुरा या बहुत बुरा की बात दर्ज करता है तो कारण पूछा जाएगा। अगर फीडबैक में बात आती है कि पुलिसकर्मी ने गंभीर कदाचरण किया है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। मई माह के फीडबैक के आधार जून में हम थानों की रैंकिंग भी इसी आधार पर तय करेंगे। इसके बाद सभी एसडीओपी कार्यालय व एसपी ऑफिस पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।’

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