देश का पहला ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला शहर बना जबलपुर, 2035 तक विकसित पूरे शहर में जुटाएंगे खेल सुविधाएं

जबलपुर 

जबलपुर शहर ने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत का पहला “खेल मास्टर प्लान” जबलपुर में लॉन्च किया गया है, जो खासतौर पर 0 से 5 साल की उम्र के बच्चों और उनके देखभाल करने वालों के लिए बनाया गया है। इस योजना का मकसद शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को बच्चों के अनुकूल बनाना और उन्हें खेलने, सीखने व सुरक्षित रहने का अवसर देना है। इस योजना को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर तैयार किया है।

बच्चों में कम हो रही फिजिकल एक्टिविटी को लेकर शहर में नवाचार किया जा रहा है। जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया है। यह मास्टर प्लान न केवल छोटे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि शहर में प्लेस्पेस अपॉर्चुनिटीज को विकसित भी करेंगे। अगले दस सालों के लिए यह प्लान तैयार किया गया है। दरअसल, नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 में चयनित होने के बाद शहर को यह उपलब्धि हासिल हुई है।

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टॉप 10 में शामिल होने पर मिला दोबारा मौका
जानकारी के अनुसार नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 (एनएनसी 2.0) के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए शहर के उद्यानों एवं सार्वजनिक स्थलों में अनुकूल वातावरण एवं सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एनएनसी 1.0 के अंतर्गत आयोजित चैलेंज में जबलपुर भी शामिल हुआ था। सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए शहर ने देश के शीर्ष 10 शहरों में अपनी जगह बनाई थी। इन्हीं को 2.0 में शामिल किया गया है। खेल मास्टर प्लान को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, नगर निगम कमिश्नरप्रीति यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।

बनाया खेल सेल

एनएनसी 2.0 में जबलपुर द्वारा वल्र्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) के सहयोग से नर्चरिंग नेबरहुड सेल, खेल सेल एवं खेल मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें उन सभी विभागों को सम्मिलित किया गया है जो शहर में विकास कार्यों तथा बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। इनमें नगर निगम जबलपुर, स्मार्ट सिटी जबलपुर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जबलपुर विकास प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में तैयार की गई खेल सेल पूरे प्लान की निगरानी करने के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा भी करेगी।

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 ये करेगी सेल

– छोटे-बड़े सभी खाली पड़े स्थानों को प्ले स्पेस अपॉचुनिटीज में विकसित करेंगे।
– छोटे बच्चों के लिए शहर में कितनी खेलने की जगह होनी चाहिए इस पर काम करेगी।
– शहर में वर्तमान में जितने भी खेल के स्थान है उन्हें चिह्नित कर लिया है।
– कहां क्या कमी है, उस कमी के अनुसार मास्टर प्लान बनाया है।
– अगले दस साल 2035 तक कहां कब कितना काम किया जाएगा ये भी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।

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खेल शब्द को किया विस्तारित

खेल मास्टर प्लान में ‘खेल’ शब्द को केवल पारंपरिक खेल-कूद तक सीमित न रखते हुए, इसे एक विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके तहत के- किड्स, एच- हेल्थ, ई- एम्पावरिंग कम्युनिटीज, एल- लेवल प्ले अपॉर्चुनिटीज विस्तार करने की योजना है।
जबलपुर शहर ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। यह बड़े ही गौरव की बात है। 0 से 5 साल तक के बच्चों को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है। इस मास्टर प्लान के अंतर्गत अगले दस वर्षों में (2035) तक हर स्तर पर खेल के स्थानों को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है।
– संभव अयाची, एनएनसी 2.0 नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त नगर निगम

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