घर मालिकों के लिए नया कानून ला रही मोहन सरकार, उल्लंघन पर तगड़ा जुर्माना, होगी जेल

भोपाल 

विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। ड्राफ्ट सतपुड़ा भवन में आग लगने के बाद तैयार किया गया था, लेकिन दो साल में भी लागू नहीं हो पाया। इसमें अलग से अग्नि सुरक्षा संचालनालय का गठन प्रस्तावित है।

10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान और सजा भी

इससे अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हो पाएंगे। भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान किया गया है। इस एक्ट के लागू होने से अग्नि सुरक्षा की स्थिति सुधरने की संभावना है। विभाग ने ड्राफ्ट पर सभी स्तर पर डिस्कशन पूरे कर लिए हैं। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। अलग अग्नि सुरक्षा संचालनालय के साथ ही प्रदेश में सेटअप भी प्रस्तावित किया गया है।

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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिए हैं एक्ट बनाने के निर्देश

प्रदेश में फायर सेफ्टी एक्ट के लिए ड्राफ्ट पहले भी बन चुका है, लेकिन लागू नहीं किया गया। राज्य अग्नि सुरक्षा नियमों के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता, ननि अधिनियम 1956 तथा नपा अधिनियम 1961 पर ही निर्भर है। राज्य सरकार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अग्नि सुरक्षा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी हो गई है। पारित होने के बाद प्रदेश में लागू किया जाएगा।

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ये होंगे मुख्य प्रावधान

–अग्निशमन सेवा का नया कैडर बनाया जाएगा, इससे उनकी अलग भर्ती और प्रशिक्षण हो सकेगा।

–सभी जिलों में नए फायर स्टेशनखोले जाएंगे।

–भवनों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम सती से लागू किए जाएंगे। ऐसा नहीं करने वालों पर 10 हजार तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है।

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–प्रदेश में फायर ब्रिगेड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से लेकर उपकरणों के इंतजाम होंगे।

–पुलिस फायर स्टेशनके कर्मचारियों का भी विलय किया जाएगा।

केंद्र से भी मदद

नए सेटअप के लिए 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट की जरूरत होगी। हालांकि यह बजट पांच साल में खर्च किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी इसके लिए राशि मांगी जाएगी। अग्नि सुरक्षा के पुराने उपकरणों और फायर ब्रिगेड को बदला जाएगा। अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। भविष्य को देखते हुए बहुमंजिला भवनों की आग बुझाने के लिए भी विशेष उपकरण खरीदे जाएंगे।

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