UAE और चीन का 1 अरब डॉलर का E20 फ्लाइंग टैक्सी का सौदा, इलेक्ट्रिक विमानन की दुनिया में क्रांति

दुबई 

चीन ने इलेक्ट्रिक और हवाई तकनीक में एक बड़ी छलांग लगाई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चीन की E20 फ्लाइंग टैक्सियों के लिए 1 अरब डॉलर का सौदा किया है, जिसमें 350 टैक्सियां शामिल हैं. यह अब तक का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) ऑर्डर है.

ये टैक्सियां 5 सीटों वाली हैं, 320 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ सकती हैं. 200 किमी की रेंज रखती हैं. यह सौदा चीन के इलेक्ट्रिक विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. 

कैसे होगी बुकिंग?
लोग मोबाइल ऐप से एयर टैक्सी बुक कर सकेंगे। यह Uber की तरह ही होगा। Joby, Uber का ग्लोबल पार्टनर है। इसलिए मुमकिन है कि लोग एक ही ऐप से टैक्सी बुक कर सकें, उसमें चढ़ सकें और पैसे भी दे सकें। धीरे-धीरे, यह सेवा होटलों और खास जगहों तक भी पहुंच जाएगी। इससे एयरपोर्ट से सीधे अपनी मंजिल तक जाना आसान हो जाएगा।

कितना होगा किराया?
अभी तक किराये की सही जानकारी नहीं मिली है। लेकिन Conde Nast Traveller के अनुसार Joby का अनुमान है कि एक ट्रिप का किराया लगभग 75 डॉलर (करीब 6464 रुपये) होगा। यह उबर ब्लैक की महंगी राइड जैसा होगा। टैक्सी के अंदर कांच की दीवारें और छत तक विंडशील्ड होगी। इससे उड़ान के दौरान दुबई शहर का शानदार नजारा देखने को मिलेगा।

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कितने यात्री बैठ सकेंगे?
जॉबी का कहना है कि एयर टैक्सी की सैकड़ों टेस्ट उड़ानें हो चुकी हैं। ये उड़ानें 60,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक हुई हैं। सभी विमानों को लाइसेंस वाले पायलट उड़ाएंगे। कंपनी का कहना है कि लोगों के लिए शुरू करने से पहले सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। हर एयर टैक्सी में एक पायलट और चार यात्री बैठ सकेंगे। इसकी टॉप स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

E20 फ्लाइंग टैक्सी क्या है?

E20 एक आधुनिक इलेक्ट्रिक विमान है, जो वर्टिकल टेकऑफ कर सकता है. बिना रनवे के उतर सकता है. इसे शंघाई की TCab टेक्नोलॉजी कंपनी ने बनाया है. इसकी खासियतें हैं…

    सीटें: 5 लोग (1 पायलट और 4 यात्री).
    रफ्तार: अधिकतम 320 किमी/घंटा.
    रेंज: 200 किमी तक उड़ान.
    वजन: हल्का और पर्यावरण के लिए सुरक्षित.
    डिजाइन: टिल्ट-रोटर तकनीक, जो इसे हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज का मिश्रण बनाती है.

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यह टैक्सी शोर कम करती है. प्रदूषण भी कम करती है, जो इसे शहरों के लिए आदर्श बनाता है.

यूएई और चीन का सौदा

यह सौदा पिछले साल चीन इंटरनेशनल इम्पोर्ट एक्सपो में शुरू हुई साझेदारी का नतीजा है. यूएई की कंपनी ऑटोक्राफ्ट ने TCab टेक्नोलॉजी के साथ 350 E20 टैक्सियों के लिए करार किया. पहली डिलीवरी तभी होगी, जब चीन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAAC) से एयरवर्थीनेस सर्टिफिकेट मिलेगा. यह सौदा मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में कम ऊंचाई वाले पर्यटन और शहरी हवाई गतिशीलता के लिए होगा.

चीन के लिए यह क्यों खास है?

चीन ने अपने ‘लो-ऑल्टिट्यूड इकोनॉमी’ प्रोग्राम के तहत इस तकनीक को बढ़ावा दिया है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक 1 लाख ड्रोन और eVTOL विमान हवा में लाना है. E20 का सौदा दिखाता है कि चीन की तकनीक अंतरराष्ट्रीय बाजार में भरोसा जीत रही है. इसके पीछे चीन की सस्ती एविएशन और बैटरी सप्लाई चेन है, जो इसे यूरोप और अमेरिका से सस्ता बनाती है.

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यूएई को क्या फायदा?

यूएई, जो पर्यटन और आधुनिक तकनीक में आगे है, इस सौदे से कई लाभ लेगा…

    पर्यटन: दुबई और अबू धाबी में हवाई पर्यटन को नया रूप मिलेगा.
    शहरी यातायात: भीड़भाड़ से बचने के लिए हवाई टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है.
    आर्थिक विकास: यह सौदा UAE की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और नई नौकरियां पैदा करेगा.

चुनौतियां और भविष्य

इस तकनीक को लागू करने में रेगिस्तानी मौसम, नियामक मंजूरी और बुनियादी ढांचे की जरूरतें चुनौती हैं. फिर भी, TCab टेक्नोलॉजी का प्लान अबू धाबी से शुरू कर आसपास के शहरों तक विस्तार करना है. कुछ लोग मानते हैं कि यह सौदा चीन को इलेक्ट्रिक विमानन में विश्व नेता बना सकता है.

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