केंद्र सरकार ने आयकर विधेयक वापस लिया, सिफारिशों को माना महत्वपूर्ण

नई दिल्ली
 सरकार ने आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने का निर्णय लिया है. बाद में लोकसभा में एक नया विधेयक पेश किया जाएगा जो आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा. सरकार ने 13 फरवरी, 2025 को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 पेश किया था और उसी दिन इसे जांच के लिए प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था. प्रवर समिति ने 21 जुलाई, 2025 को अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर दी है. प्रवर समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार विधेयक में सुधार किया जाएगा.

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प्रवर समिति की लगभग सभी सिफारिशें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं. अन्य स्रोतों से भी सुझाव मिले हुए हैं जिन्हें सही विधायी अर्थ देने के लिए शामिल किया जाना जरूरी है. प्रारूपण, वाक्यांशों के संरेखण, परिणामी परिवर्तनों और परस्पर संदर्भों में कुछ सुधार किए गए हैं. इसलिए, प्रवर समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने का निर्णय लिया है.

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इसके पहले बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने की अनुमति मांगी. सदन की मंजूरी के बाद उन्होंने आयकर विधेयक वापस ले लिया.

गौरतलब है कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजकर पांच मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. दो बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजे बैठक शुरू हुई तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने की अनुमति मांगी और सभा की सहमति से सरकार ने विधेयक को वापस ले लिया.

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