छत्तीसगढ़ में अटकी 10 हजार से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं, बेरोजगार युवाओं की बढ़ी चिंता

रायपुर

सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया फाइलों में अटकी हुई है। इसके कारण 10 हजार से अधिक पदों की भर्ती परीक्षाएं लंबे समय से विलंबित हैं। कुछ प्रस्ताव विभागीय स्तर पर अटके हैं तो कुछ वित्त विभाग की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं, कई भर्तियों की फाइलें परीक्षा एजेंसियों छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के पास लंबित पड़ी हैं। सबसे ज्यादा प्रस्ताव शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं, जहां पांच हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पांच हजार शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की थी, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया फाइलों में ही उलझी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेटर के 100 पद भरने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए कुल 848 पदों के सेटअप को मंजूरी दी है, लेकिन शुरुआती चरण में केवल 100 पदों पर भर्ती होगी। ये पद कोंडागांव, महासमुंद, जशपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, कबीरधाम सहित कई जिलों में भरे जाएंगे। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपर वाइजरों के 100 से अधिक पदों पर भर्ती हाेनी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा ने बताया कि राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा है। वित्त से अनुमति के बाद भर्ती होनी है।

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जेल और जल संसाधन विभाग की स्थिति
प्रदेश की जेलों में 100 प्रहरियों की भर्ती को हरी झंडी मिल चुकी है। हालांकि, भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस बार लिखित परीक्षा को सरल और शारीरिक परीक्षण को कठिन बनाने पर विचार किया जा रहा है।

इसी तरह जल संसाधन विभाग में अमीन के 50 पदों की भर्ती पर फैसला अटका हुआ है। विभाग के प्रमुख अभियंता के मुताबिक परीक्षा की जिम्मेदारी व्यापमं या पीएससी को दी जाएगी, लेकिन अंतिम निर्णय शेष है।

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उच्च शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग ने भी वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 2160 असिस्टेंट प्रोफेसर, 130 ग्रंथपाल और 130 खेल अधिकारी के पदों की भर्ती शामिल है।

चिकित्सकों की भर्ती
इसी बीच स्वास्थ्य विभाग में 1080 पदों पर भर्ती प्रक्रिया फाइलों में चल रही है। इनमें से 650 पदों को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 1067 पदों का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है। इन पदों में चिकित्सा विशेषज्ञ, अधिकारी, दंत चिकित्सक और वैज्ञानिक शामिल हैं।

विश्वविद्यालयों में 2000 से अधिक पद खाली
राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों में भी दो हजार से ज्यादा पदों की भर्ती अटकी हुई है। विधानसभा में विधायक मोतीलाल साहू के प्रश्न पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फरवरी 2025 में यह जानकारी दी थी।

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    पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर – कुल 841 पद (249 शैक्षणिक, 592 अशैक्षणिक)
    हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग – 175 पद (35 शैक्षणिक, 140 अशैक्षणिक)
    अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर – 192 पद (55 शैक्षणिक, 137 अशैक्षणिक)
    संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा – 196 पद (41 शैक्षणिक, 155 अशैक्षणिक)
    शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर – 395 पद (201 शैक्षणिक, 194 अशैक्षणिक)
    शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ – 62 अशैक्षणिक पद
    इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ – 227 पद (101 शैक्षणिक, 126 अशैक्षणिक)
    पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर – 91 पद
    मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर – 76 पद

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