मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना का कार्यकाल बढ़ा, अब दिसंबर 2026 तक करेंगे सेवा

भोपाल 

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना का कार्यकाल अब एक वर्ष बढ़ा दिया गया है। वे अब 1 दिसंबर 2026 तक पद पर बने रहेंगे। राज्य सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप लिया है और गृह विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। मूल रूप से डीजीपी मकवाना का सेवानिवृत्ति की तिथि 1 दिसंबर 2025 निर्धारित थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी को दो वर्ष का न्यूनतम कार्यकाल मिलना आवश्यक है। इसी प्रावधान के चलते मकवाना को एक वर्ष का अतिरिक्त सेवाकाल प्रदान किया गया है।

गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 17 आईपीएस अधिकारियों की सूची में मकवाना का नाम 16वें क्रम पर है। आदेश के मुताबिक, कैलाश मकवाना को 1 दिसंबर 2024 से डीजीपी के पद पर पदस्थ किया गया था, जिसके आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश (सिविल याचिका क्रमांक 310/1996) के अनुसार डीजीपी को दो साल का पूरा कार्यकाल मिलना चाहिए। इसी प्रावधान के तहत राज्य सरकार ने निर्णय लेते हुए उनके रिटायरमेंट की तारीख 1 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 1 दिसंबर 2026 कर दी है। इस फैसले के साथ अब डीजीपी कैलाश मकवाना दिसंबर 2026 तक अपनी सेवाएं देंगे और उसके बाद ही सेवानिवृत्त होंगे।

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कैसा रहा शैक्षणिक सफर

कैलाश मकवाना ने बीई किया है. इसके अलावा एमटेक की भी पढ़ाई की है. कैलाश मकवाना की एक्स प्रोफाइल पर उन्होंने खुद के बारे में बताया है कि वे आईआईटी से एमटेक हैं. वर्ष 2022 में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में महानिदेशक बनाया गया था. इस दौरान उन्होंने एक आईएएस और एक आईएफएस अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला भी दर्ज कराया था. 

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गौरतलब है कि कैलाश मकवाना का डीजीपी कार्यकाल अब दिसंबर 2026 तक रहेगा, जिससे वे मध्य प्रदेश पुलिस बल का नेतृत्व आगामी दो वर्षों तक करते रहेंगे. राज्य सरकार ने इसे प्रशासनिक स्थिरता और कानून-व्यवस्था की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है.

आदेश में क्या लिखा है?

गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल याचिका क्रमांक 310/1996 में दिए गए निर्देशों के अनुसार डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होना चाहिए. इस गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने मकवाना की सेवा अवधि 1 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है.

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आदेश में यह भी उल्लेख है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 17 आईपीएस अधिकारियों की सेवानिवृत्ति निर्धारित है, जिनमें कैलाश मकवाना का नाम 16वें स्थान पर है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अब पूर्ण दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही सेवानिवृत्त माना जाएगा.

 

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