कपूर से उतरेगी नजर! जानें सबसे असरदार घरेलू उपाय

भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में बुरी नजर को एक वास्तविक समस्या माना जाता है। जब कोई व्यक्ति ईर्ष्या या अत्यधिक प्रशंसा के भाव से किसी बच्चे को देखता है, तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा बच्चे पर असर डाल सकती है। इससे बच्चा अचानक रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है, बीमार हो जाता है या खाना-पीना छोड़ देता है। ऐसे में, कपूर को सबसे शक्तिशाली और तुरंत असर करने वाले उपायों में से एक माना जाता है। कपूर की शुद्ध और तीव्र गंध तथा उसकी जलने पर निकलने वाली ऊर्जा नकारात्मक शक्तियों को तुरंत निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है।

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कपूर और लौंग से नजर उतारना
कपूर के टुकड़े को मिट्टी के दीपक या आरती की थाली में रखें। उस पर दो साबुत लौंग रखें। बच्चे को गोदी में लें या उसे सीधे खड़ा करें। जलते हुए कपूर को बच्चे के सिर से लेकर पैर तक घड़ी की सुई की दिशा में 7 बार घुमाएं। हर बार घुमाते समय मन ही मन भगवान से बच्चे की नजर उतारने और उसे बुरी शक्तियों से बचाने की प्रार्थना करें। नजर उतारने के बाद, जलते हुए कपूर को बच्चे से दूर, घर के मुख्य द्वार के बाहर या बालकनी में खुली हवा में रख दें, जहां वह पूरी तरह जल जाए। कपूर पूरी तरह से जलकर खत्म हो जाता है। यह प्रतीकात्मक रूप से यह दर्शाता है कि बच्चे पर लगा नजर दोष या नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से जलकर समाप्त हो गई है।

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कपूर का शुद्धिकरण स्नान
बच्चे के नहाने के पानी में कपूर का एक छोटा टुकड़ा डाल दें और उसे घुलने दें। यदि चाहें, तो नारियल तेल की कुछ बूंदें भी मिला सकती हैं। इस पानी से बच्चे को स्नान कराएं। कपूर की ऊर्जा पानी के माध्यम से बच्चे के आभा मंडल को शुद्ध करती है और शरीर पर जमी नकारात्मकता को धो देती है।

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कमरे में कपूर का निरंतर प्रयोग
बच्चे के कमरे में किसी कोने में कपूर का एक छोटा टुकड़ा किसी मिट्टी के पात्र में रखें। प्रतिदिन सुबह और शाम पूजा के दौरान कपूर और दो लौंग जलाकर उसकी धूप पूरे घर में, खासकर बच्चे के कमरे में दिखाएं। कपूर की सुगंध घर की नेगेटिविटी को खत्म करती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जिससे बच्चा खुश और स्वस्थ रहता है।

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