डॉ. शाहीन ने बनाई ‘स्लीपर सेल’ की फौज, लड़कियों को लेकर जिहादी योजना का खुलासा

कानपुर
 दिल्ली लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों के अनुसार, दिल्ली विस्फोट के बाद पकड़ी गई जैश-ए-मोहम्मद की लेडी विंग कमांडर डॉ. शाहीन ने कानपुर और आसपास के जिलों में टीनएजर लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपना नेटवर्क तैयार किया था. इनमें ज्यादातर लड़कियां गरीब परिवारों से थीं, जिन्हें बेहतर जिंदगी और धार्मिक शिक्षा का झांसा देकर अपने ग्रुप में शामिल किया गया था.

इतना ही नहीं, इस मामले की जांच कर रही जांच एजेंसी एनआईए के इनपुट पर यूपी एटीएस ने भी शुक्रवार को 10 से ज्यादा डॉक्टरों से पूछताछ की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सब मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल के संपर्क में रहे थे. हालांकि अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है. अधिकारियों के अनुसार, जिन जिलों में डॉक्टरों से पूछताछ हुई, उनमें बहराइच, अलीगढ़, नोएडा, सहारनपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और मुजफ्फरनगर शामिल हैं.

ये भी पढ़ें :  Padma Awards 2023 : पद्म पुरस्कारों का ऐलान, छत्तीसगढ़ की इन हस्तियों मिलेगा पुरस्कार, देखिए सूची....

एटीएस ने एनआईए को सौंप अहम सुबूत
मुरादाबाद में तीन डॉक्टरों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्हें एटीएस मुख्यालय (लखनऊ) बुलाया गया है. ये तीनों दिल्ली धमाके के बाद अपने मोबाइल बंद कर चुके थे, और पिछले महीने फरीदाबाद में उनकी लोकेशन मिली थी, जिसके बाद शक और गहरा गया. वहीं, एटीएस ने डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के घर से मिले कई अहम सुबूत एनआईए को सौंप दिए हैं. एनआईए ने अभी इस मामले में औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं किया है, लेकिन केस प्रॉपर्टी उनकी तहकीकात के लिए ट्रांसफर कर दी गई है.

शाहीन ने कानपुर में तैयार किया था महिला स्लीपर सेल नेटवर्क
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच-पड़ताल में यह भी पता चला है कि डॉ. शाहीन ने कानपुर में अपनी महिला विंग का मजबूत नेटवर्क तैयार किया था. इसमें 19 से अधिक महिलाएं शामिल थीं और सभी के मोबाइल पिछले दिनों एक साथ बंद मिले. ये नंबर कानपुर और आसपास के जिलों फतेहपुर, उन्नाव, कन्नौज आदि में बंद हुए थे. एजेंसियों का दावा है कि शाहीन ने इन महिलाओं को कट्टरपंथी विचारधारा और ब्रेनवॉश के जरिए अपने संगठन जमात-उल-मोमिनात में शामिल किया था. उसका लक्ष्य भारत में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की ‘आतंकी भर्ती’ करना था.

ये भी पढ़ें :  Tata Sierra 2025 टीज़र आउट: दमदार लुक और एडवांस फीचर्स के साथ नवंबर में एंट्री के लिए तैयार!

शाहीन की गिरफ्तारी के तुरंत बाद बंद हो गए थे नंबर
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही उसकी महिला विंग के लगभग सभी नंबर अचानक बंद हो गए. एजेंसियों को शक है कि सभी नेनए मोबाइल या नए सिम ले लिए हैं. खुफिया एजेंसियों ने अब टेलिकॉम कंपनियों से 10 नवंबर के बाद बेचे गए नए सिम की पूरी डिटेल मांगी है ताकि संदिग्ध नंबरों को ट्रैक किया जा सके.

ये भी पढ़ें :  Cyclone Biparjoy : बिपरजॉय के टकराने से पहले ही गुजरात का हाल-बेहाल, तेज बारिश शुरू, बाढ़ आने का बढ़ा खतरा

दिल्ली धमाके में कानपुर के सिम का इस्तेमाल
जांच में यह बात भी सामने आई है कि दिल्ली में हुआ विस्फोट कानपुर से खरीदे गए सिम कार्ड से ऑपरेट किया गया था. आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर ने धमाके से ठीक पहले कई नंबरों पर कॉल की थी और फिर फोन बंद कर दिया था. बीटीएस (मोबाइल टावर) डेटा में जिन नंबरों की लोकेशन मिली, उनमें कई कानपुर के हैं. इनकी खरीदारी बेकनगंज क्षेत्र से हुई बताई जा रही है, जिसकी जांच जारी है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment