ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की मुस्लिम सेना को आतंकवादी संगठन घोषित किया, जानें कारण

कैनबरा

दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरे से लगभग हर देश चिंतित है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम बहुल देश ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।  ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यहूदी समुदाय पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आधिकारिक तौर पर आतंकवाद के राज्य प्रायोजक (State Sponsor of Terrorism) के रूप में सूचीबद्ध कर दिया।

यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एवं खुफिया संगठन (ASIO) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें पाया गया कि IRGC ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी नागरिकों को निशाना बनाकर दो बड़े हमलों की साजिश रची थी। अल्बानीज सरकार ने इन हमलों को 'कायरतापूर्ण प्रयास' करार देते हुए कहा कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में फूट डालने की कोशिश थे। यह कदम हाल ही में संसद द्वारा पारित आपराधिक संहिता संशोधन (आतंकवाद के राज्य प्रायोजक) अधिनियम 2025 के तहत उठाया गया पहला कदम है।

ये भी पढ़ें :  संजय राउत का आरोप: ताज होटल को जेल में बदल दिया, मेयर के सस्पेंस के बीच Eknath Shinde पर हमला

बता दें कि IRGC इस नए कानून के तहत सूचीबद्ध होने वाला पहला संगठन बन गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय खुफिया, सुरक्षा और नीतिगत एजेंसियों के गोपनीय आकलन पर आधारित है। नए कानून के तहत अब ऑस्ट्रेलिया में किसी भी 'आतंकवाद के राज्य प्रायोजक' संगठन की निम्नलिखित गतिविधियां आपराधिक अपराध होंगी। गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह सूचीबद्धता ईरानी शासन की घृणित कार्रवाइयों का सीधा जवाब है। इससे पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चरमपंथी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए और व्यापक अधिकार मिलेंगे।

ये भी पढ़ें :  सीधी में कार दुर्घटना से युवक की मौत, सांसद की बहू पर लगा दुर्घटना का आरोप

विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर IRGC की भूमिका किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा की गई अभूतपूर्व और खतरनाक आक्रामकता है। हमारे देश में इसके लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताया। वहीं, अटॉर्नी जनरल मिशेल रॉलैंड ने कहा कि हमने तेजी से कदम उठाकर यह सुनिश्चित किया है कि हमारे आतंकवाद-रोधी कानून पूरी तरह प्रभावी रहें।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment