पहली ही गेंद ने दे दिया संकेत, विराट करेंगे कमाल—गावस्कर का बड़ा बयान

रायपुर 
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शुरू से ही लग रहा था कि विराट कोहली शतक लगाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज ने छक्का लगाकर अपना खाता खोला और पिछले मैच के अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा।  
कोहली ने बुधवार को रायपुर में 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जो 50 ओवर के प्रारूप में उनका 53वां शतक और सभी प्रारूप में मिलाकर 84वां शतक है। हालांकि भारत यह मैच चार विकेट से हार गया। उन्होंने 30 नवंबर को रांची में खेले गए पहले मैच में 120 गेंदों पर 135 रन बनाए थे जिससे भारत ने यह मैच 17 रन से जीता था।

ये भी पढ़ें :  लड़का से लड़की बनीं अनाया बांगर, बिना शादी किए बनना चाहती हैं मां – सुनाई दिल छू लेने वाली ख्वाहिश

जियोस्टार विशेषज्ञ गावस्कर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि वह शतक नहीं बना पाएंगे। पहली गेंद से ही ऐसा लगा कि वह रांची की अपनी पारी को ही आगे बढ़ा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोहली ने हुक करके छक्का जड़कर शुरुआत की। यह एक ऐसा शॉट जिसे वह अक्सर नहीं खेलते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है। उसके बाद से ही लग रहा था कि वह शतक बनाने में सफल रहेंगे।’ कोहली और रुतुराज गायकवाड़ (83 गेंदों पर 105 रन) ने 195 रन जोड़कर वनडे में भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया।

ये भी पढ़ें :  युवराज–सहवाग के आगे कितनी है मोहम्मद कैफ की संपत्ति? करोड़ों की तुलना में कौन ज्यादा अमीर

गावस्कर ने कहा, ‘रुतुराज के साथ उनकी साझेदारी शानदार रही। रुतुराज ने जिस पहली गेंद का सामना किया वह यानसन की बाउंसर थी, जो जायसवाल को आउट करने के ठीक बाद आई थी। वह इसे चौके के लिए भेजने में कामयाब रहे और इसके बाद कोहली उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके पास गए। रुतुराज ने इसके बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।’ भारत ने लगातार 20वीं बार टॉस गंवाया। दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते 359 रन का लक्ष्य हासिल करके तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली।

ये भी पढ़ें :  न्यूजीलैंड ने नवी मुंबई में भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

गावस्कर ने कहा, ‘टॉस बहुत अहम था। आउटफील्ड काफी गीली थी। शुरुआती छह ओवरों को छोड़कर गेंद हमेशा गीली रही। इसका असर गेंदबाजों पर ही नहीं क्षेत्ररक्षकों पर भी पड़ता है। आप गेंद पर सही ग्रिप नहीं बना पाते हैं। इसलिए टॉस ने बहुत बड़ा अंतर पैदा किया।’

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment