भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना: जन-सुरक्षा, सुगम यातायात एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति NHAI की सशक्त प्रतिबद्धता

भोपाल

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुरक्षित, सुगम एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। NHAI का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित न होकर आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिले।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहरी विस्तार, नए आवासीय क्षेत्रों के विकास तथा यातायात गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के साथ एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। इस परिप्रेक्ष्य में शहर की प्रमुख सड़कों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक पहल है।

वर्तमान में अयोध्या बायपास की यातायात वहन क्षमता लगभग 40,000 वाहनों प्रतिदिन है, जबकि इस मार्ग पर वर्तमान में ही लगभग 45,000 वाहन प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। आसपास विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों से यातायात सीधे मुख्य मार्ग पर आने के कारण इस खंड पर यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग पर वर्तमान में तीन ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं।

यह परियोजना आम नागरिकों के लिए क्यों आवश्यक है ?

* अयोध्या बायपास पर चिन्हित तीन प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं निराकरण किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी एवं जन-सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
* सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कॉलोनियों से आने-जाने वाले स्थानीय वाहनों को पृथक मार्ग उपलब्ध होगा और मुख्य कैरिज-वे पर यातायात दबाव कम होगा।
* पूरे बायपास को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। इसका डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह वर्ष 2050 तक के अनुमानित यातायात दबाव को सुचारु रूप से संभाल सके।
* बेहतर एवं चौड़ी सड़क उपलब्ध होने से यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत तथा प्रदूषण में कमी आएगी।
* उन्नत लेआउट एवं सुरक्षित डिज़ाइन से वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।

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 पर्यावरण संरक्षण के प्रति NHAI की संवेदनशीलता एवं ठोस पहल 

NHAI का यह प्रयास केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास एवं पर्यावरण संतुलन को समान प्राथमिकता देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्राधिकरण प्रारंभ से ही ग्रीन हाईवे की अवधारणा में विश्वास रखता है। परियोजना के अंतर्गत जिन वृक्षों की कटाई प्रस्तावित है, उनमें से लगभग 5,000 वृक्ष टिम्बर श्रेणी के हैं। वृक्ष कटाई के विकल्पों एवं प्रतिपूरक उपायों के संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति (CEC) को NHAI द्वारा विभिन्न विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं।

 प्रतिपूरक,विकल्प एवं अतिरिक्त पौधारोपण के प्रमुख बिंदु : 

* वृक्ष कटाई के प्रतिपूरक उपाय के रूप में कुल 81,000 पौधों का रोपण किया जाएगा।

* ये पौधे भोपाल शहर एवं इसके आसपास विभिन्न चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे।

* अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के साथ-साथ 10,000 पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत एवेन्यू प्लांटेशन का पुनः सघनीकरण (Re-densification) किया जाएगा, जिसमें छायादार, फलदार एवं शेड-बेयरिंग प्रजातियों के वृक्ष दोनों ओर रोपे जाएंगे।

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* इन सभी पौधों की 15 वर्षों तक देखरेख, संरक्षण एवं अनुरक्षण की पूर्ण जिम्मेदारी NHAI द्वारा वहन की जाएगी, जिस पर लगभग ₹20 करोड़ का अनुमानित व्यय प्रस्तावित है। इस संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है।

* इसके अतिरिक्त, नगर निगम के सहयोग से 10,000 अतिरिक्त पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा NHAI को विभिन्न पार्क, रिक्त भूमि एवं सड़क किनारे की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां स्थानीय, छायादार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

 झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में वृहद पौधारोपण : 

* पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, भोपाल जिला प्रशासन द्वारा झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई है।

* यह भूमि राजस्व वन (Revenue Forest) की है, जो वर्तमान में रिक्त अवस्था में है।

* यहां 61,000 से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा तथा इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र (Developed Forest Area) के रूप में विकसित किया जाएगा।

* इस संबंध में भी केंद्रीय अधिकार समिति को जानकारी प्रदान की जा चुकी है। समिति के निर्देशानुसार जून 2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी, ताकि अगले मानसून  के दौरान पौधारोपण कार्य समयबद्ध रूप से किया जा सके।

NHAI यह भी स्पष्ट करता है कि वृक्षों की कटाई को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से परियोजना के डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिससे पहले की तुलना में कम वृक्षों की कटाई की जा रही है। यह सीमित कटाई यातायात एवं सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक है।

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 पूर्व में किए गए पौधारोपण कार्य 

यह उल्लेखनीय है कि NHAI निरंतर पौधारोपण करता रहा है और इसे अपनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी मानता है। पिछले मानसून सत्र में भोपाल के समीप झिरनिया ग्राम के पास सोनकच्छ टोल प्लाज़ा क्षेत्र में लगभग 50,000 पौधे मियावाकी तकनीक से लगाए गए, जो वर्तमान में 10–12 फीट तक विकसित हो चुके हैं।

यह पौधारोपण कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन का भाग नहीं, बल्कि ग्रीन हाईवे पहल के अंतर्गत NHAI की नियमित जिम्मेदारी के तहत किया गया था। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि NHAI पर्यावरण संरक्षण को केवल नीतिगत स्तर पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी प्रभावी रूप से लागू करता है।

NHAI यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की योजना बनाते समय हरित आवरण का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता होती है। परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व एवं उसके साथ-साथ अफॉरेस्टेशन, पौधारोपण एवं हरियाली विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। NHAI का मानना है कि सड़क विकास के साथ-साथ ग्रीन हाईवे का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। NHAI आम नागरिकों को आश्वस्त करता है कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो, यात्रा सुगम बने, समय की बचत हो और पर्यावरण संरक्षित रहे।

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