ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना ने पेशेवर शिष्टाचार को छोड़ा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी की जोकरों जैसी हरकतें

इस्लामाबाद 

पाकिस्तानी सेना का मीडिया विंग जोकरों जैसी हरकतें कर रहा है. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालिस मदारी जैसे हरकत की. अहमद शरीफ चौधरी ने लोगों को खालिस मजा देने की गारंटी ली है.

अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूं तो भारत को धमकी दे रहा था. लेकिन उसकी धमकी में धमकी का एलिमेंट कम और मसखरापन ज्यादा था. 

अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि, "ले आओ तुम्हें जो करना है, दाएं से आना, बाएं से आना, ऊपर से आना, नीचे से आना, इकट्ठे आना है या किसी के साथ आना, एक बार मजा न करा दिया तो पैसे वापस."

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अहमद शरीफ चौधरी इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब खिल्ली उड़ाई जा रही है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ऊपर वाले का तोहफा है. 

हमेशा खाने-पीने की तंगी से जूझने वाले पाकिस्तानी सेना के इस कारिंदे ने कहा कि पाकिस्तान में ऊपर वाले ने बड़ी बरकत दी है.

अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि 2026 कैसा होगा ये हमारे ऊपर निर्भर करता है. हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं. इस जनरल ने भारत को अपना दुश्मन करार देते हुए कहा कि आप की तकदीर हम सब के हाथ में है. हमारा लीडरशिप इस मामले में अपना नजरिया स्पष्ट रखता है. 

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सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस औपचारिक होती है. इसमें पॉलिसी और अपनी तैयारियों की चर्चा होती है. डीजी आईएसपीआर की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत की आलोचना करने का एक सुनियोजित तरीका रहा है. लेकिन इस बार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा बदलाव दिखाता है . इसमें पाकिस्तान औपचारिक मिलिट्री या डिप्लोमैटिक भाषा के बजाय ताना मारने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है. 

सुरक्षा हलकों में इसे आत्मविश्वास के बजाय असुरक्षा की भावना के रूप में देखा जा रहा है.

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी ने ये भी खुलासा कर दिया कि पाकिस्तानी नागरिकों को मारने का हक सिर्फ उन्हें हैं. और किसी को नहीं. 

अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, " उनलोगों ने पाकिस्तानी नागरिकों को हिट किया, क्या उन्होंने ऐसा नहीं किया, पाकिस्तानी महिलाओं और बच्चों को मारा, क्या उनलोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने अक्तूबर में किसको हिट किया था, हमने अफगानियों को नहीं मारा, ये तो खुद कहते हैं ये पाकिस्तानी हैं, हमने अपने नागरिकों को ही टारगेट किया. हमने अपने ही नागरिकों को मारा. ये हक सिर्फ रियासत ए पाकिस्तान को है कि वो अपने संविधान और कानून के मुताबिक अपने शहरियों को सजा दे, हिन्दुस्तान कौन होता है. "

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इससे पहले अहमद शरीफ चौधरी ने ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार को आंख मारी थी. 

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