राजस्थान में किन्नर समाज ने दिया अल्टीमेटम, न्याय नहीं मिला तो सड़कों पर होगा हंगामा

जयपुर 

राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा हमेशा से आपसी भाईचारे, समरसता और विविधता के सम्मान की रही है। इसी परंपरा की रक्षा के लिए बुधवार को राजधानी जयपुर में सर्व किन्नर समाज ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की। विवादित और भड़काऊ बयानबाज़ी के खिलाफ सर्व किन्नर समाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न केवल कड़ा विरोध दर्ज कराया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि नफरत और उकसावे की राजनीति का किन्नर समाज से कोई लेना-देना नहीं है।

जयपुर में आयोजित इस प्रेस वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने हाल ही में शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा द्वारा दिए गए विवादित बयानों को राजस्थान की गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ बताया। समाज ने कहा कि ऐसे बयान न सिर्फ किन्नर समाज की छवि को धूमिल कर रहे हैं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास हैं, जो प्रदेश की शांति व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्व किन्नर समाज ने स्पष्ट आरोप लगाया कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार आपत्तिजनक और उकसाऊ बयान दे रहा है। “किन्नर जिहाद” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर समाज ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे किन्नर समाज को कटघरे में खड़ा करने की साजिश भी है।

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समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान में किन्नर समाज सदियों से सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के साथ सौहार्द के साथ रहता आया है। चाहे त्योहार हों, सामाजिक कार्यक्रम हों या आम जनजीवन—किन्नर समाज ने हमेशा प्रेम और आशीर्वाद की परंपरा को आगे बढ़ाया है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के बयान को पूरे समाज से जोड़ना पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण है।

प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा ने मार्च 2023 में लिंग परिवर्तन कराया था। इस संबंध में समाज की ओर से दस्तावेज़, प्रमाण पत्र, एफिडेविट और वीडियो साक्ष्य प्रेस के सामने प्रस्तुत किए गए। समाज ने सवाल उठाया कि यदि तनिषा स्वयं को “सनातनी किन्नर” बताता है, तो इसके ठोस और वैध प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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सर्व किन्नर समाज ने यह भी बताया कि “किन्नर जिहाद” प्रकरण को लेकर तनिषा के खिलाफ अब तक प्रदेश के अलग-अलग पांच पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। समाज का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे बयान प्रदेश में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किन्नर समाज किसी भी तरह की सांप्रदायिक राजनीति या उकसावे का हिस्सा नहीं बनेगा और प्रदेश में शांति, सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

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इस प्रेस वार्ता में सर्व किन्नर समाज से नूरी बाई बगरू, गोरीरेखा चांदपोल, काजोल बाई (किन्नर अखाड़ा, कोटा), सिमरन बाई शाहपुरा, राजकुमारी बाई मेड़ता सिटी, प्रीति बाई सांगानेर, अन्नू बाई चोमू, हिना बाई टोंक, सलोनी बाई अजमेर, हिना बाई करौली, पूनम नायक रतलाम, हलीमा झालावाड़ पाटन, मौसम बाई, विजया बाई, चकोरी बाई जयपुर, मंजू बाई सुमेरपुर, फयाज नायक तोड़ी मोड़, नूर शेखावत और रितिका सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता के माध्यम से सर्व किन्नर समाज ने राजस्थान की जनता को यह संदेश दिया कि प्रदेश की असली ताकत उसकी सामाजिक एकता और भाईचारा है, और इसे तोड़ने की किसी भी कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा।

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