राहुल-खरगे की अनसुनी बात, संसद में विपक्ष का हंगामा, सांसदों ने किया वॉकआउट

नई दिल्ली
संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों ही सदनों में जमकर हंगामा हो रहा है। मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में हंगामे का दौर शुरू हो गया और थोड़ी ही देर बाद सदन को 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दूसरी तरफ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को ना बोलने देने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया।

एक बार स्थगन के बाद बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने जरूरी कागजात सभा पटल पर रखवाए। उन्होंने उसके बाद आम बजट पर चर्चा की शुरुआत करने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम पुकारा। इस बीच कांग्रेस के कयी सदस्य अपने स्थान से खड़े होकर शून्यकाल के साथ राहुल गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे।

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पीठासीन अधिकारी ने बार बार कहा कि यह समय बजट पर चर्चा के लिए निर्धारित किया गया है और विपक्ष के नेता बजट पर अपनी बात रख सकते हैं। इस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य श्री गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। विपक्षी सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर अपनी मांग को लेकर शोरगुल करने लगे जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि छह फरवरी को अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्हें वह सदन की तरफ से बधाई देते हैं। युवा क्रिकेट टीम को बधाई देने के बाद श्री बिरला ने प्रश्न काल की कार्रवाई शुरू की तो विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सीटों पर खड़े हो गए और जोर-जोर से बोलने लगे। अध्यक्ष ने इसी बीच प्रश्न काल की कार्यवाही को आगे बढ़ाया लेकिन विपक्ष की तरफ से तेज हंगामा शुरू हो गया।

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बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि प्रश्न काल के बाद सदस्यों को बोलने का अवसर दिया जाएगा। उनका कहना था कि वह हमेशा सब सदस्यों को बोलने का अवसर देते हैं इसलिए सदन को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा होगी तो सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा इसलिए प्रश्न काल को चलने दें। उनका कहना था कि यह सदस्यों का समय होता है और सबको मौका मिलना चाहिए इसलिए वह सभी सदस्यों से सदन को बाधित न करने का आग्रह कर रहे है। सदन में सार्थक चर्चा के लिये सहयोग करें।

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उन्होंने तेज लहजे में कहा कि सदस्य नियमित सदन की कार्यवाही में अवरोध करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी बीच सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और शोर शराबा करने लगे। हंगामा और बढ़ने लगा तो श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

 

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