पांच साल से फरार महिला और युवक मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार

पांच साल से फरार महिला और युवक मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार 

 एमडी ड्रग्स, मोबाइल और दोपहिया वाहन समेत 2 लाख का माल बरामद 

भोपाल
 राजधानी की क्राइम ब्रांच ने संगीन अपराध में पांच साल से फरार चल रही एक महिला और उसके साथी युवक को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास से एमडी ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और दोपहिया वाहन समेत करीब 2 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच अखिल पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने विशेष टीम बनाकर तस्करों की तलाश में लगाया था। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भीमनगर स्थित झरनेश्वर मंदिर के पास एक महिला और एक युवक दोपहिया वाहन सहित खड़े हैं और मादक पदार्थ की बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें :  रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और 'डिजिटल फर्जीवाड़े' का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी 'अंधेरगर्दी': लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: "राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल" पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 'डिजिटल सेंधमारी' को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

इस सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद दोनों संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर 35 वर्षीय महिला निवासी अयोध्या नगर और युवक ने अपना नाम उजेर उर्फ माहिर खान (21) निवासी जहांगीराबाद बताया। तलाशी में मिली एमडी ड्रग्स पुलिस टीम संदेहियों की स्कूटर की डिग्गी की तलाशी ली तो पन्नी के अंदर क्रिस्टलनुमा ब्राउन रंग का पदार्थ रखा मिला, जिसकी पहचान एमडी ड्रग्स के रूप में हुई। वजन करने पर 5.91 ग्राम ड्रग्स पाया गया, जिसकी कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही दोनों के पास दो मोबाइल फोन और स्कूटर भी जब्त किया गया है। जब्त हुए मादक पदार्थ और स्कूटर समेत कुल माल की कीमत दो लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है।

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पांच साल से फरार चल रही थी महिला पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थ की तस्करी में गिरफ्तार हुई महिला पिछले पांच साल से एक संगीन अपराध में फरार चल रही थी। इसके अलावा वह एक अन्य मामले में भी फरार चल रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रही थी। दूसरे आरोपी उजेर के खिलाफ हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट का केस पहले से दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में एसआई जसवंत सिंह, हेड कांस्टेबल कुंवर बहादुर, कुशलपाल, आरक्षक बृजमोहन व्यास, जावेद खान, अमन पटेल, घनश्याम चंद्रावत और महिला आरक्षक पूजा अग्रवाल की सराहनीय भूमिका रही है।

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