इंदौर बनेगा Pollution Free! शहर में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक साइकिलें, ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों होंगे कम

इंदौर 

अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) अब मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने जा रही है। इलेक्ट्रिक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम (ईपीबीएस) के लिए पिछले दिनों टेंडर जारी किए गए थे। ई-पीबीएस के लिए दो टेंडर आए हैं, जो कि एक – दो दिन में खोले जाएंगे। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर यह साइकिलें चलेंगी। इससे शहर की जनता को जहां यात्रा करने में सुविधा मिलेगी, वहीं एआइसीटीएसएल की इनकम भी होगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होगी।

पेट्रोल-डीजल के दाम आए दिन बढ़ते रहते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ आम जन का रूझान बढ़ने लगा है। साथ ही, लोक परिवहन सेवा भी ग्रीन मोबिलिटी की तरफ बढ़ रही है। इसके चलते एआइसीटीएसएल एक तरफ जहां इंदौर और आसपास के दूसरे शहरों में इलेक्ट्रिक बस चलाने की प्लानिंग पर काम कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाई जाएंगी। इसका फैसला 4 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में लिया गया था। साथ ही, टेंडर बुलाने की स्वीकृति दी गई थी।

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मोबाइल एप्लीकेशन से खुलेगा

और बंद होगा साइकिल का लॉक

एप्लीकेशन से होंगी ऑपरेट
साइकिलों की सवारी करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा। सभी साइकिलें इसी से ऑपरेट होंगी। एप्लीकेशन में ही साइकिल सवार का पूरा रिकॉर्ड होगा। इसमें चार्जिंग की सुविधा, राइडिंग हिस्ट्री, जीपीएस, साइकिलों की उपलब्धता आदि कई सुविधाएं होंगी। मेंबरशिप से पहले हर यूजर का केवाईसी होगा। इसमें फोटो आईडी, एड्रेस प्रूफ आदि की पूरी जानकारी देना होगी। यानी राइडर कोई गड़बड़ी करता है तो उसे उसके रिकॉर्ड से आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।नई हाईटेक साइकिलें चलाने की योजना है। इनमें मोटर बाइक की तरह एक्सेलरेटर होगा। ये पैडल के साथ मोटर से भी चलेंगी। हैंडल के दोनों तरफ स्विच होंगे। एलईडी लाइट भी होगी।

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दो टेंडर आए
बोर्ड बैठक के फैसले पर अमल करते हुए 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें पीपीपी मोड पर चलाने के लिए एआइसीटीएसएल ने टेंडर जारी किए थे। दो टेंडर आ गए हैं, जिन्हें एक – दो दिन में खोला जाएगा। 7 वर्षों के लिए ई-पीबीएस के कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव करने को लेकर ठेकेदार एजेंसी का चयन किया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण करने में अहम भूमिका
गौरतलब है कि, एआइसीटीएसएल अभी शहर में सामान्य साइकिल चला रही है, जिससे आमजन और विद्यार्थियों को आवागमन में काफी राहत मिलती है। इलेक्ट्रिक साइकिल चलने से राह और आसान तो होगी ही, साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में ये अहम भूमिका निभाएंगी।

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प्रदूषण होगा कम
इधर, एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन का कहना है कि शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने की परियोजना आमजन को सुविधाजनक लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। साथ ही एआइसीटीएसएल को वित्तीय आय भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि ई-पीबीएस के लिए पीपीपी मोड पर टेंडर जारी कर दिए गए थे। दो टेंडर आए हैं जिन्हें एक-दो दिन में खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक साइकिलें चलने से प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होगी।

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